सूत्रों ने बताया कि अरविंद केजरीवाल की पत्नी के अनुरोध पर तिहाड़ जेल प्रशासन ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग का आयोजन किया था। एम्स के वरिष्ठ विशेषज्ञ के अलावा आरएमओ तिहाड़ और एमओ तिहाड़ मौजूद थे।
एम्स के वरिष्ठ विशेषज्ञ ने सीजीएम (ग्लूकोज मॉनिटरिंग सेंसर) का पूरा रिकॉर्ड और केजरीवाल की डाइट और दवाओं का विवरण मांगा और उन्हें उपलब्ध कराया गया। जेल सूत्रों ने बताया कि इस दौरान न तो केजरीवाल ने इंसुलिन का मुद्दा उठाया और न ही डॉक्टरों ने इंसुलिन का सुझाव दिया।
'12 साल से ले रहे इंसुलिन'
वहीं अरविंद केजरीवाल की पत्नी सुनीता केजरीवाल ने रांची में हुए इंडिया गठबंधन की रैली में कहा कि अरविंद बीते 12 साल से इंसुलिन ले रहे हैं और तिहाड़ जेल के अंदर उन्हें इंसुलिन नहीं दी जा रही है। ऐसे माहौल में भी उन्हें जेल से देश की चिंता है। मेरा मानना है कि जेल के ताले टूटेंग और वो छूटकर बाहर आएंगे। इस वक्त वो तानाशाही ताकतों से लड़ रहे हैं।
'उन्हें जेल में मारने की साजिश'
अपने संबोधन में सुनीता केजरीवाल ने कहा कि अरविंद केजरीवाल को जेल में मारने की साजिश हो रही है। जबकि उन्हें को सत्ता की कोई इच्छा नहीं है। वो अब भी जेल के अंदर रहकर देश की चिंता कर रहे हैं। लेकिन ये दिल्ली के सीएम को मारना चाहते हैं। पर वो बहुत बहादुर हैं। वह शेर हैं।