Arvind Kejriwal Arrest: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को दिल्ली शराब नीति मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया। अरविंद केजरीवाल को ईडी ने गिरफ्तार करने के बाद आम आदमी पार्टी ने स्पष्ट किया है कि वह मुख्यमंत्री पद से त्याग पत्र नहीं देंगे। आप नेताओं ने कहा कि अरविंद केजरीवाल मुख्यमंत्री थे और मुख्यमंत्री रहेंगे। एक तरफ जहां आम आदमी पार्टी लगातार भाजपा और केंद्र सरकार पर निशाना साध रही है तो वहीं गिरफ्तारी को लेकर भाजाप और कांग्रेस समेत कई विपक्षी नेताओं ने टिप्पणी की है। जानें किसने क्या कहा..
केजरीवाल की गिरफ्तारी पर दिल्ली भाजपा अध्यक्ष की प्रतिक्रिया
अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तार के बाद दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि केजरीवाल 2020-21 से लगातार शराब नीति घोटाले में बहाने बना रहे थे और जिस तरह की राजनीतिक नाटकबाजी वो कर रहे थे उसका आज अंत हो गया है। आज आखिरकार सत्य की जीत हुई है और मुझे विश्वास है।' पूरे युवाओं को शराब की लत में धकेलने की जो साजिश अरविंद केजरीवाल और उनकी सरकार ने रची थी, उसका परिणाम यही होना ही था। सत्य की जीत होनी थी और अरविंद केजरीवाल को उनके पापों की सजा मिलनी ही थी।
उदित राज का ईडी की कार्रवाई पर बड़ा तंज
कांग्रेस नेता उदित राज ने कहा कि अरविंद केजरीवाल के घर को सुरक्षा बलों ने ऐसे घेर लिया है जैसे वे किसी डाकू को पकड़ने आए हों या किसी दुश्मन देश से युद्ध चल रहा हो। यह लोकतंत्र की हत्या है। आगे कहा कि अगर अरविंद केजरीवाल अपना गठबंधन खत्म करते हैं और बीजेपी के साथ गए, तो सभी समन वापस ले लिए जाएंगे। अगर अभिव्यक्ति की आजादी को दबाया गया, तो सिर्फ आप या कांग्रेस को ही नहीं, सभी को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।
ईडी की कार्रवाई पर जेएमएम नेता महुआ माजी भी भड़कीं
ईडी की कार्रवाई पर राज्यसभा सांसद और जेएमएम नेता महुआ माजी ने कहा कि जहां-जहां गैर-भाजपा सरकार है, उन राज्यों में ही ये चीजें हो रही हैं। चुनाव होने वाले हैं। आदर्श आचार संहिता लागू है। लेकिन जिस तरह से चीजें चल रही हैं। पहले झारखंड और फिर दिल्ली में ये लोकतंत्र नहीं बल्कि निरंकुशता की तैयारी है।
तृणमूल कांग्रेस केजरीवाल की गिरफ्तारी की निंदा करती है: डेरेक
सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी की कड़ी निंदा की है। तृणमूल के राष्ट्रीय प्रवक्ता व राज्यसभा में पार्टी के नेता डेरेक ओ ब्रायन ने ईडी द्वारा गिरफ्तारी की कारवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि हम एक निर्वाचित मुख्यमंत्री की गिरफ़्तारी की कड़ी निंदा करते हैं, खासकर तब जब चुनाव आयोग प्रभारी है और देश में चुनाव आचार संहिता (एमसीसी) लागू है।
डेरेक ने एक्स पर लिखा- इससे पहले एक अवैध अध्यादेश के ज़रिए उनकी (दिल्ली सरकार) प्रशासनिक शक्तियां छीन ली गई थीं। अगर मौजूदा मुख्यमंत्री और प्रमुख विपक्षी नेताओं को चुनाव से पहले गिरफ़्तार कर लिया जाता है, तो हम भारत में निष्पक्ष चुनाव की उम्मीद कैसे कर सकते हैं? तृणमूल नेता ने कहा, अगर सुप्रीम कोर्ट और चुनाव आयोग अभी कार्रवाई करने में विफल रहते हैं, तो भविष्य में भाजपा की दमनकारी राजनीति के ख़िलाफ़ लोगों के साथ कौन खड़ा होगा?
सीएम केजरीवाल की गिरफ्तारी पर बोले मनोज तिवारी
अखिलेश यादव का बयान- भाजपा अब सत्ता में नहीं आने वाली
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी पर समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने एक्स पर पोस्ट साझा की। उन्होंने लिखा कि जो ख़ुद हैं शिकस्त के ख़ौफ़ में क़ैद ‘वो’ क्या करेंगे किसी और को क़ैद, भाजपा जानती है कि वो फिर दुबारा सत्ता में नहीं आनेवाली, इसी डर से वो चुनाव के समय, विपक्ष के नेताओं को किसी भी तरह से जनता से दूर करना चाहती है, गिरफ़्तारी तो बस बहाना है। ये गिरफ्तारी एक नयी जन-क्रांति को जन्म देगी।
केजरीवाल की गिरफ्तारी पर पश्चिम बंगाल बीजेपी अध्यक्ष ने की टिप्पणी
दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी पर पश्चिम बंगाल बीजेपी अध्यक्ष सुकांत मजूमदार ने कहा कि शराब नीति मामले में कुछ दिन पहले बीआरएस नेता के कविता को भी गिरफ्तार किया। यह एक बड़ी गिरफ्तारी का संकेत था कि आने वाले दिनों में इस मामले में कार्रवाई की जाएगी। यह स्वाभाविक था कि इस मामले की आखिरी कड़ी अरविंद केजरीवाल तक पहुंचनी थी। इस मामले में दिल्ली के पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसौदिया भी गिरफ्तार हैं। उनकी गिरफ्तारी बस कुछ ही समय की बात थी।
अन्नाद्रमुक के प्रवक्ता ने गिरफ्तारी को बताया भाजपा का तीन सूत्री एजेंडा
सीएम केजरीवाल की गिरफ्तारी पर अन्नाद्रमुक के प्रवक्ता कोवई सत्यन ने कहा कि यह गिरफ्तारी साबित करती है कि भाजपा के लिए तीन सूत्री एजेंडा है। पहला, जो भी भाजपा का विरोध करेगा, उसे सलाखों के पीछे से चुनाव लड़ना चाहिए। दूसरा, जो भी भाजपा का विरोध करेगा, उसके पास धन और पैसा खत्म हो जाएगा। पार्टी फंड का उपयोग करने में असमर्थ होंगे। तीसरा, जो भी जमानत पर बाहर हैं, बीजेपी को उनके साथ गठबंधन करने में कोई हिचकिचाहट नहीं होगी।