घाटे की मार झेल रहे नोएडा रोडवेज प्रबंधन को परिवहन विभाग ने जोर का झटका दिया है।
यूपी रोडवेज के नोएडा और ग्रेटर नोएडा डिपो से अब हर महीने अतिरिक्त कर वसूला जाएगा। एआरटीओ (सहायक संभागीय परिवहन कार्यालय) की तरफ से रोडवेज प्रबंधन को नोटिस भेजकर 18.56 लाख रुपये की राशि बतौर कर के रूप में मांगी गई है।
सिटी बसों का संचालन पहले ही रोडवेज को महंगा पड़ रहा है। ऐसे में अतिरिक्त कर मांगकर परिवहन विभाग ने रोडवेज के जले पर नमक छिड़कने का काम किया है।
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परिवहन मुख्यालय की तरफ से हाल ही में एक पत्र आया है। इसमें रोडवेज बसों से अतिरिक्त कर वसूलने के आदेश दिए गए हैं। विभाग ने अपने रिकॉर्ड को खंगाल लिया है, जिसमें नोएडा और ग्रेटर नोएडा डिपो से संचालित होने वाली 211 बसों का ब्योरा मिला है।
इन बसों पर करीब एक महीने का 18.56 लाख रुपये कर बनता है, जिसे वसूलने के लिए शुक्रवार को एआरटीओ ने नोटिस भेजा है। साथ ही आदेश में यह भी कहा गया है कि प्रत्येक महीने का कर 15 तारीख तक जमा कराना होगा। अगर इस अवधि में कर नहीं जमा कराया गया तो 5 फीसदी जुर्माना लगाया जाएगा।
क्या बढ़ेगा किराए का बोझ?
रोडवेज पर अतिरिक्त कर का बोझ पड़ा तो इसका असर किराए पर भी पड़ सकता है। रोडवेज प्रबंधन अपने घाटे को पूरा करने के लिए किराए का बोझ भी बढ़ा सकता है। हालांकि, फिलहाल ऐसी किसी संभावना से इंकार किया जा रहा है।