आर्मी पब्लिक स्कूल की बस में बृहस्पतिवार सुबह ट्रक ने टक्कर मार दी। हादसे में बस में सवार सात बच्चे जख्मी हो गए।
उन्हें कैलाश अस्पताल में भर्ती कराया गया। एक बच्चे की जान बचाने के लिए डॉक्टरों को उसका एक पैर ऑपरेशन के दौरान काटना पड़ा।
दो बच्चों को दिल्ली रेफर किया गया है। हादसे के बाद फरार ट्रक चालक को बृहस्पतिवार देर रात गिरफ्तार कर लिया गया।
जानकारी के मुताबिक सेक्टर-37 स्थित आर्मी पब्लिक स्कूल की बस यूपी16बीटी-5770 बच्चों को लेकर स्कूल जा रही थी। बस में 34 बच्चे सवार थे।
सेक्टर-21-25-31 चौराहे के पास जब बस पहुंची तो निठारी की तरफ से आ रहे ट्रक (आरजे14जीसी-4164) ने बस के पिछले हिस्से में टक्कर मार दी। ट्रक में मार्बल लदा था।
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टक्कर से बस में सवार छात्र हरीश (8वर्ष), करन (12वर्ष), नवीन (14वर्ष), निर्भय (5वर्ष), तरुण (6वर्ष) अनुराग (9वर्ष) व अभय (7वर्ष) घायल हो गए। हादसे के बाद चालक ट्रक छोड़ कर भाग निकला।
बस में सवार बच्चों में चीख पुकार मच गई। आसपास से गुजर रहे वाहन चालकों ने बच्चों को बाहर निकाला और घायलों को अपने वाहनों से उपचार के लिए कैलाश अस्पताल ले गए।
सूचना पाकर थाना सेक्टर-20 व सेक्टर-24 पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। छात्र हरीश व नवीन की गंभीर हालत देखते हुए उसे दिल्ली के आरआर अस्पताल रेफर कर दिया गया।
जबकि करन का आपरेशन कर डॉक्टरों को उसका दायां पैर काटना पड़ा। बाकी बच्चों को प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। बस चालक नफरू की शिकायत पर पुलिस ने ट्रक चालक बूंदी राजस्थान निवासी बनवारी केखिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया।
हादसे के बाद लगा रहा घंटों जाम
हादसे के बाद बस में मची बच्चों की चीख पुकार सुनकर आसपास से गुजरने वाले वाहन चालक सड़कों पर ही वाहन खड़ा कर बच्चों की मदद के लिए बस केपास पहुंच गए। वहीं, आसपास रहने वाले लोग भी एकत्र हो गए। जिसकेकारण सड़क पर जाम की स्थिति हो गई। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने सड़क से क्षतिग्रस्त बस व ट्रक को हटाया और ट्रैफिक सामान्य किया।
एक्सीडेंट की खबर मिलते ही पहुंचे अस्पताल
स्कूल और बच्चों के घरों में जैसे ही बस के एक्सीडेंट की खबर पहुंची, हाहाकार मच गया। स्कूल के टीचर से लेकर प्रबंधन तक अस्पताल पहुंचे। वहीं बच्चों के माता-पिता व परिजन भाग कर कैलाश अस्पताल पहुंचे। ऑपरेशन के बाद करन का एक पैर कटने की खबर मिलते ही परिजनों में एक बार फिर चीख पुकार मच गई। हादसे की जानकारी पाकर एसएसपी डॉ. प्रीतिंदर सिंह भी अस्पताल पहुंच गए और बच्चों का हालचाल लिया।