एक हादसा मासूम को जीवन भर का दंश दे गया। 12 साल की उम्र में करण एक पैर से महरूम हो गया।
कैलाश अस्पताल के मुताबिक करण का दूसरा पैर भी जख्मी है लेकिन बिना सर्जरी उसे ठीक कर लिया जाएगा।
सेक्टर 22 के एच ब्लॉक निवासी एचसी खाती और उनके परिवार का रो रोकर बुरा हाल है। एचसी खाती आर्मी में तैनात थे और वीआरएस लेकर यहां आ गए थे।
लेकिन मासूम करण की टांग कटने से बच जाती अगर स्कूल और पैरेंट्स ने डीएम के आदेश को सुना होता। डीएम ने बुधवार शाम ही 8वीं तक के स्कूलों की छुट्टी बढ़ा दी थी।
करण उनका इकलौता बेटा है। कैलाश अस्पताल के प्रशासनिक अधिकारी बीबी जोशी ने बताया कि करण आईसीयू में भर्ती है। पहले से उसकी हालत बेहतर है।
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उसका दायां पैर बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया था, जिसके चलते घुटने के पास से उसे काटना पड़ा है। दूसरा पैर भी बुरी तरह से जख्मी है लेकिन बिना सर्जरी उसे ठीक कर लिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि करण समेत अस्पताल में सात बच्चे भर्ती किए गए थे, जिनमें से हरीश और नवीन यादव को धौला कुआं स्थित आर्मी के रिसर्च एंड रेफरल अस्पताल में रेफर कर दिया गया है।
आजाद विहार खोड़ा निवासी नवीन की हालत गंभीर है। उसके दोनों हाथ बुरी तरह से जख्मी हैं। सेक्टर-12 बी ब्लाक निवासी अनुराग और दीपक विहार खोड़ा निवासी हरीश अस्पताल से घर पहुंच गए हैं।
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नीति खंड गाजियाबाद निवासी अमन भी अस्पताल से डिस्चार्ज होकर घर पहुंच गया है।
डीएम ने दिए जांच के आदेश
हादसे की सूचना मिलने के बाद जिलाधिकारी हीरा लाल गुप्ता ने जांच के आदेश दे दिए। जांच का जिम्मा सिटी मजिस्ट्रेट एससी शुक्ल को सौंपा गया है। उन्हें 15 दिन में रिपोर्ट देने को कहा गया है। सिटी मजिस्ट्रेट ने बताया कि स्कूल खोले जाने की भी जांच की जाएगी।