आम्रपाली ग्रुप की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। बुधवार को धोखाधड़ी के एक और मामले में दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने आम्रपाली के निदेशकों व अन्य अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि प्रोजेक्ट के नाम पर पैसा बटोरने के बाद ग्रुप के अधिकारियों ने मिशन कंप्लीशन के नाम पर भी पैसे बटोरे, लेकिन उन्हें अभी तक फ्लैट नहीं मिला।
पीड़ित की शिकायत पर छानबीन के बाद बुधवार को पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है। पुलिस अब आरोपी अधिकारियों से पूछताछ करेगी। मामले में कंपनी के तीन अधिकारी पहले ही जेल में बंद हैं।
दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि द्वारका निवासी अनुराग सहाय ने 16 मार्च को आर्थिक अपराध शाखा में शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़ित ने बताया कि आम्रपाली समूह ने 2013 में क्रिस्टल होम्स के नाम से सेक्टर-76 में एक प्रोजेक्ट लांच किया था।
इसमें सिलीकॉन सिटी के नाम के एक प्रोजेक्ट में 2, 3 और 4 बीएचके फ्लैट देने का वायदा किया गया। दावा किया गया कि सिलीकॉन सिटी आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा। प्रोजेक्ट 48 महीने में पूरा कर लिया जाएगा। लोगों ने आम्रपाली के इस प्रोजेक्ट में काफी फ्लैट बुक कराए।
अनुराग ने भी इस सोसायटी में फ्लैट बुक कराया और आम्रपाली को 55 लाख रुपये दे दिए। कंपनी के अधिकारियों ने मिशन कंप्लीशन के नाम से खरीदारों से और पैसा बटोरा, लेकिन अब तक साइट पर फ्लैट बनना तो दूर, वहां बिल्डिंग का ढांचा भी खड़ा नहीं हो सका है।
अनुराग ने आरोप लगाया कि कंपनी निदेशकों व बाकी अधिकारियों ने धोखाधड़ी कर रकम को हड़पा। कंपनी के प्रबंध निदेशक अनिल शर्मा, पदाधिकारी शिव प्रिया, अजय कुमार, मोहित गुप्ता व अन्यों ने खरीदारों को झांसा देना शुरू कर दिया।
हर बार नई तारीख बताकर उनसे रुपये एंठने का प्रयास भी होता रहा। आखिरी बार 2018 में फ्लैट देने का वायदा किया गया था, लेकिन आम्रपाली उसमें भी फैल रहा। अधिकारियों के मुताबिक शिकायत मिलने के बाद छानबीन की गई। जांच के बाद इस संबंध में बुधवार को धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया।