दिल्ली के शास्त्री पार्क इलाके में शुक्रवार तड़के मच्छर भगाने वाली कॉइल से आग लगने के मामले में मृतकों की संख्या सात हो गई है। शुक्रवार देर रात जीटीबी अस्पताल में भर्ती जहरुल नदाब (50) ने भी दम तोड़ दिया। पुलिस ने शनिवार को पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिए। वहीं जांच में पुलिस को पता चला है कि तीन मंजिला इमारत में धुंआ निकलने का कोई रास्ता नहीं था। हादसे के समय पूरे घर में अंधेरा था। ऐसे में लोगों को बचने का रास्ता नहीं मिला और दम घुटने से मौत हो गई।
पुलिस के मुताबिक, मूलरूप से पश्चिम बंगाल निवासी जहरुल तीसरी मंजिल पर गांव के तीन अन्य लोग जहीउद्दीन, मती-उर-रहमान और शेख मकबूल के साथ रहता था। जहरुल का परिवार गांव में रहता है। परिवार में पत्नी मोहनूर बेबी, एक बेटा व पांच बेटियां हैं। जहरुल दिल्ली में रिक्शा चलाता था।
गर्भवती थी निशा, 4 माह पूर्व हुई थी शादी
हादसे में निशा उर्फ निशू और पति दिनेश की मौत हो गई थी। करीब चार माह पूर्व ही दिनेश और निशा की शादी हुई थी। दोनों सोनीपत के सेक्टर-12 में रहते थे। फिलहाल, दिनेश पत्नी को लेकर बहन पूजा के घर घूमने आया था। निशा डेढ़ माह की गर्भवती थी। दिनेश के जीजा जयप्रकाश ने बताया कि पिछले रविवार को उनके बच्चे का मुंडन था।
साला-सलज दिल्ली आए थे। जयप्रकाश ने दिनेश से कहा कि दोनों कुछ दिन यहां रुक जाएं तो वे यूपी गांव चले जाएंगे। दिनेश और निशा इसके लिए तैयार हो गए। शुक्रवार को जब जयप्रकाश और पत्नी पूजा को दोनों की मौत का पता चला तो उनके होश उड़ गए। दोनों भागते हुए दिल्ली पहुंचे। दोनों को मलाल था कि उन्होंने भाई-भाभी को यहां क्यों छोड़ा।