ग्रेटर नोएडा में स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) के टीम ने दादरी से पचास हजार रुपये के इनामी मनोज भाटी समेत तीन बदमाशों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से पिस्टल, तमंचे, कार और दो मोबाइल फोन बरामद हुए हैं।
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार सभी आरोपी अनिल दुजाना और रणदीप गिरोह के शातिर बदमाश हैं। एसटीएफ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक उमेश कुमार सिंह ने बताया कि रविवार को मनोज उर्फ राहुल के गाजियाबाद से रिठौरी जाने की सूचना मिली।
एसटीएफ की टीम ने दादरी तिराहे की घेराबंदी की। तिराहे पर पुलिस देखकर मनोज ने अपनी स्विफ्ट कार नोएडा की ओर मोड़कर भागने का प्रयास किया लेकिन दादरी रेलवे क्रॉसिंग पर जाम में फंस गया।
दो और भी खतरनाक गैंगेस्टर पकड़े गए
पुलिस ने पीछा कर मनोज को दो साथियों के साथ गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार अन्य दोनों बदमाशों ने अपना नाम मांगेराम और सुनील बताया।
मनोज पर दादरी, ग्रेटर नोएडा, सूरजपुर, फरीदाबाद, साहिबाबाद समेत अन्य थानों में 22 आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें हत्या, लूटपाट, रंगदारी, जानलेवा हमला करने के मामले आदि शामिल है।
उमेश कुमार सिंह ने बताया कि वारदात को अंजाम देने के बाद सभी बदमाश हरियाणा स्थित अपने रिश्तेदार के घर चले जाते थे। हरियाणा में उनके कई रिश्तेदार पुलिस में हैं जो उन्हें बचाने में सहयोग करते रहे हैं।
सुपारी लेकर करते थे हत्या
कुछ ट्रांसपोर्टर समेत अन्य लोग भी उन्हें आर्थिक सहयोग करते रहे हैं। सिंह ने बताया कि उनको चिह्नित करके कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बदमाशों का गिरोह सुपारी लेकर हत्या करने, रंगदारी वसूलने, विवादित संपत्ति खरीदने आदि का कार्य करता रहा है। इसके अलावा दो अप्रैल 2013 को डासना जेल से हापुड़ कचहरी में पेशी पर ले जाते हुए अशोक भाटी उर्फ राका पर मनोज ने साथियों के साथ हमला कर उसकी हत्या कर दी थी।
वहीं 24 अप्रैल 2013 को ग्राम डाबरा में चमन भाटी की हत्या कर दी गई थी। 28 अप्रैल 2014 को मुरादनगर गाजियाबाद के केपी त्यागी की हत्या की।
रावण संग अपराध की दुनिया में रखा था कदम
रंगदारी वसूली करने वाले गिरोह का सरगना रावण के साथ मिलकर मनोज भाटी ने अपराध की दुनिया में कदम रखा था। भट्टा मालिकों को धमकी देकर भारी रकम मिलने पर मनोज तेजी से अपराध में सक्रिय हुआ। पैसा नहीं मिलने पर कई बार हमले भी किए गए।
रावण की हत्या के बाद वह अनिल दुजाना और रणदीप के साथ मिलकर काम करने लगा। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, मनोज ने वर्ष 2003 में ग्रेटर नोएडा में बीटा-टू में सुरेंद्र पाल की हत्या की थी। आठ नवंबर 2011 को साहिबाबाद में एक शादी समारोह में गए सुंदर भाटी पर अनिल दुजाना के साथियों ने हमला किया था।
जिसमें मनोज समेत सात लोगों को खिलाफ शौकीन, नवीन, जबरसिंह और धनवीर की हत्या के मामले में रिपोर्ट दर्ज की गई थी। इस मामले में फरार सभी अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए शासन ने पचास पचास हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।