पुलिस अधिकारी ने बताया कि आरोपी की पहचान गांव धनेरी पूर्वी, रामपुर यूपी निवासी सुरेश गंगवार (25) के रूप में हुई है। नौ अप्रैल को पुलिस को द्वारका सेक्टर 21 मेट्रो स्टेशन के पास स्थित जंगल में एक युवक का शव पड़े होने की जानकारी मिली। युवक का गला रेता हुआ था और चेहरे को पत्थर से कुचला गया था। मृतक के पास से मिले कागजात से उसकी पहचान आशीष कुमार के रूप में हुई। द्वारका सेक्टर 23 थाना पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर लिया।
जिला पुलिस उपायुक्त अंकित सिंह की देखरेख में जिले की वाहन चोरी निरोधक शाखा ने मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल के आस पास के सीसीटीवी कैमरे को खंगाला। साथ ही तकनीकी निगरानी रखकर एक संदिग्ध सुरेश गंगवार को पकड़ा। उसने आशीष कुमार की हत्या करना कबूल कर लिया।
पुलिस ने उसके कब्जे से उस मोबाइल फोन को बरामद कर लिया। जिसके जरिए उसने आशीष को असम से दिल्ली बुलाया था। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने खून से सने कपड़े और चाकू भी बरामद कर लिया।
पूछताछ में उसने बताया कि आशीष उसका करीबी दोस्त था। दोनों असम में स्काईलार्क इंफ्राटेक कंपनी में सुरक्षा गार्ड के रूप में काम करते थे। वहां पर संजना (बदला हुआ नाम) नाम की युवती आशीष की प्रेमिका थी। जिससे वह फोन पर बात करता था। संजना कभी कभार उसके मोबाइल पर भी फोन कर देती थी। जिससे उसकी संजना से नजदीकी बढ़ गई।
फिर वह दूसरी कंपनी से जुड़कर अजमेर राजस्थान में काम करने लगा। फिर वहां से दिल्ली की एसकेसी प्राइवेट लिमिटेड में सुपरवाइजर के पद पर काम करने लगा। उधर संजना आशीष से दूरी बनाने लगी। आशीष ने सुरेश को धमकी दी। हाल ही में आशीष ने सुरेश को उसकी प्रेमिका के कुछ आपत्तिजनक फोटो भेजा और उसे ब्लैकमेल करने की कोशिश करने लगा। सुरेश ने आशीष की हत्या की योजना बनाई। उसने उसे दिल्ली में सड़क सुरक्षा साइन बोर्ड लगाने में ज्यादा कमाई का लालच देकर बुलाया और उसकी हत्या कर दी।