सर, मैं न्यू ईयर पर परिवार के साथ घूमने के लिए दिल्ली से बाहर आया हूं। मुझे 4 जनवरी को वापस दिल्ली आना है, लेकिन मेरे कार का आखिरी नंबर ‘5’ विषम है, तो मुझे दिल्ली में एंट्री मिलेगी क्या?
सम-विषम योजना लागू होने के बाद सरकार की हेल्पलाइन नंबर पर ऐसे सवालों की भरमार है। कुछ जानकारी ले रहे हैं, तो कुछ ऐसे भी लोग हैं।
जो गुस्सा दिखाने के साथ योजना वापस नहीं लेने पर आग लगाकर जान देने की धमकी तक दे रहे हैं। शिकायतों और सुझावों की भी भरमार है।
दिल्ली सरकार ने परिवहन विभाग के पहले से चल रहे दो हेल्पलाइन नंबर 011-41400400, 42400400 को सम-विषम की जानकारी लेने के लिए भी खोल दिया है।
शिकायतों का लगा अंबार
इसके बाद इस पर फोन कॉल की भरमार हो गई है। दो दिनों में हेल्पलाइन नंबर पर कुल 5700 से ज्यादा कॉल आई। यह अन्य दिनों की तुलना में 40 फीसदी अधिक है।
इनमें 80 फीसदी कॉल ऐसी है, जो सिर्फ सम-विषम से संबंधित जानकारी लेने के लिए आई है। एनसीआर से आने वाले कॉल की संख्या सबसे ज्यादा है।
हेल्पलाइन नंबर पर ऑटो चालकों की शिकायतें भी मिल रही हैं, लेकिन आम दिनों की तुलना में यह कम है। ज्यादातर शिकायतें शाम के समय आई हैं।
इसमें रिफ्यूजल और ज्यादा किराए की शिकायतें हैं। बसें नहीं मिलने और लंबा इंतजार कम होने पर बधाई देने के लिए भी फोन आ रहे हैं।
'प्रेगनेंट हूं, क्या पति बाइक पर जाएं'
हेल्पलाइन नंबर पर एक महिला ने फोन कर कहा कि वह प्रेगनेंट है। उन्हें डॉक्टर के यहां रूटीन चेकअप कराने जाना है। सिंगल वूमन ड्राइवर को छूट है।
वह गाड़ी चलाकर तो जा सकती है, लेकिन उसके पति साथ नहीं जा सकते। ऐसे में पति बाइक से जाएं और मैं कार से। एक ही काम और एक जगह जाने के लिए दो वाहन ले जाना पड़ रहा है। इस योजना का फायदा क्या।
एक अन्य महिला ने फोन किया है कि महिलाओं को कार पूलिंग की सुविधा मिलनी चाहिए। अगर कोई पुरुष या महिला ड्राइवर के साथ जाना चाहे, तो जाने दिया जाए। यही नहीं एक ने नाराजगी जताई की सीएनजी को छूट दी, तो एलपीजी गैस से चलने वाले वाहन क्यों नहीं।
'बंद करो योजना नहीं सड़क पर आग लगा लूंगा'
एक शख्स ने हेल्पलाइन नंबर पर फोन करके इस योजना को वापस नहीं लेने पर सड़क पर आग लगाकर जान देने तक की धमकी दे डाली।
उसने कहा कि इसके चक्कर में उसे क्लाइंट से मिलने गुड़गांव जाने में बेहद दिक्कत हुई। उसे 17 घंटे से ज्यादा समय सफर और ऑफिस के लिए देना पड़ रहा है।
तो क्या करें, इस चक्कर में घर ना जाएं। उसने कहा कि मान जाओ, इस योजना को वापस लो या फिर सड़क पर आग लगा लूं, तभी मानोगे। एक ने यह नाराजगी जताई की सीनियर सिटीजन को छूट क्यों नहीं दी गई।