कांग्रेस नेता व सांसद राहुल गांधी के बयान को गलत ढंग से पेश किए जाने के मामले में टीवी एंकर की गिरफ्तार के लिए यहां आई छत्तीसगढ़ पुलिस की टीम वापस लौट गई है। टीम ने आरोप लगाया है कि यहां गाजियाबाद व नोएडा पुलिस ने जांच में उसका सहयोग नहीं किया।
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष व सांसद राहुल गांधी के बयान को फर्जी वीडियो के द्वारा गलत ढंग से पेश करने के मामले में टीवी एंकर रोहित की गिरफ्तारी के लिए यहां डेरा डाले छत्तीसगढ़ पुलिस की टीम गुरुवार को अपने राज्य लौट गई। टीम का आरोप है कि यहां जांच में स्थानीय पुलिस ने उनका सहयोग नहीं किया। मामले की जांच से जुड़े एक अधिकारी का कहना है कि वे अब नोएडा और गाजियाबाद में अपने समकक्षों के खिलाफ कानूनी विकल्प तलाशेंगे।
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जानकारी के अनुसार एंकर रोहित पर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के खिलाफ गलत खबर फैलाने के आरोप में छत्तीसगढ़ में केस दर्ज है। इसी केस पर कार्रवाई करने के नाम पर छत्तीसगढ़ पुलिस अचानक रोहित के गाजियाबाद स्थित आवास पर पहुंची थी। पुलिस ने रोहित को गिरफ्तारी के बारे में बताया था। खुद को छत्तीसगढ़ पुलिस से घिरा देख रोहित रंजन ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और स्थानीय पुलिस प्रशासन से मदद मांगी थी। उन्होंने इसके लिए सोशल मीडिया का भी सहारा लिया।
वहीं पुलिस मामले में निहो स्काटिस सोसायटी स्थित एंकर के फ्लैट पर भी पहुंची थी। 15 मिनट तक लोगों से पूछताछ करने के बाद पुलिस एसएसपी दफ्तर चली गई थी। यहां इंदिरापुरम थाना पुलिस की शिकायत की थी, आरोप लगाया था कि इंदिरापुरम पुलिस ने रोहित की गिरफ्तारी में सहयोग नहीं किया। पता चला है कि एंकर ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका कर दायर की है। एंकर रोहित रंजन पर दायर एफआईआर का मामला अजब-गजब मोड़ लेता रहा है। बीते दिनों तो इस चक्कर में दो राज्यों की पुलिस के बीच छीना झपटी तक हो गई थी।