यूपी से लेकर केन्द्र की राजनीति पर कब्जा जमाने वाले अमित शाह की नजर अब दिल्ली गद्दी पर है। पिछले साल दिल्ली में चुनाव जरुर हुए, लेकिन उसे मुख्यमंत्री सिर्फ 49 दिनों के लिए ही मिल पाया।
दिल्ली फरवरी के बाद से अपने मुखिया की तलाश में है। सभी पार्टियां इस जद्दोजहद में हैं कि दिल्ली विधानसभा का दुर्ग बीजेपी ना भेद पाए। वहीं अपनी एक के बाद एक जीत से उत्साहित अमित शाह दिल्ली पर अपना कब्जा चाहते हैं।
दिल्ली के चुनाव अहम होने की वजह से अमित शाह दिल्ली के लिए राजनीतिक कोच की भूमिका में आ गए हैं और दिल्ली के लिए गेम प्लान तैयार करने में लग गए हैं।
दिल्ली में अमित शाह के आने की खबर अपने आप में बड़ी है क्योंकि आम चुनाव से लेकर हाल ही में हुए महाराष्ट्र और हरियाणा चुनावों में भाजपा की सफलता के पीछे कहीं न कहीं शाह को ही सबसे बड़ा रणनीतिकार माना जा रहा है।
कैसा है शाह का गेम
सूत्रों के मुताबिक शाह आने वाले दिल्ली विधानसभा चुनावों के लिए 100 सदस्यों की एक नई टीम बनाने वाले हैं। यह टीम बीजेपी की तैयारियों को बेहतर तरीके से लागू कर सके इसके लिए 18 नवम्बर को एक वर्कशॉप आयोजित की जाएगी।
इस वर्कशॉप में शाह सीधे तौर पर इन 100 टीम मेम्बर्स से बातचीत करेंगे और उन्हें इस बात की जानकारी देंगे कि चुनावों की तैयारियां किस तरह से की जानी है। 16 साल से दिल्ली की गद्दी से दूर भारतीय जनता पार्टी इस चुनावों में दिल्ली विधानसभा को हर हाल में जीतना चाहती है।
दिल्ली भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष सतीश उपाध्याय और प्रदेश प्रभारी प्रभात झा को 100 सदस्यों के नाम फाइनल करने के लिए कहा गया है। अमित शाह नये 100 सदस्यों की टीम को इस तरह से अभ्यस्त करना चाहते हैं जिससे बूथ लेवल की तैयारियों को लगातार मॉनीटर किया जा सके।
कौन करेगा कैम्पेन
दिल्ली में 2 हजार 700 मतदान केन्द्र हैं। इस तरह से प्रत्येक सदस्य को 27 बूथ का इनचार्ज बनाया जाना है। अमित शाह की दिल्ली के लिए ये कोर टीम मतदाता पंजीकरण से लेकर चुनाव के हर हिस्से पर अपनी नजर रखेगी। वरिष्ठ बीजेपी नेता के मुताबिक टीम हर हफ्ते अमित शाह के लिए अपनी प्रोग्रेस रिपोर्ट भेजेगी।
इसके अलावा पार्टी अगले कुछ दिनों में ही पार्टी कार्यकर्ताओं की एक बड़ी मीटिंग करने की योजना बना रही है। अब तक सतीश उपाध्याय और प्रभात झा विधानसभा वार बैठकें कर रहे थे।
सूत्रों के मुताबिक सभी वरिष्ट बीजेपी नेता, सभी केन्द्रीय मंत्री और सभी संसदीय सदस्य दिल्ली के लिए 1 दिसस्बर कैंपेन करते नजर आएंगे। एक वरिष्ठ भाजपा नेता के मुताबिक हम जमीनी तौर पर तैयारियां कर रहे हैं।
प्रत्यक्ष मतदाताओं से हमारी टीम के सदस्य लगातार मिल रहे हैं और ये जानने की कोशिश कर रहे हैं कि उनका मतदाता सूची में नाम है या नहीं।
'इस बार है 60 प्लस का प्लान'
बीजेपी के एक और वरिष्ठ नेता के मुताबिक सभी संसदीय सदस्य मंडल और ज़िलेवार तैयारियों में जुटे हैं। बीजेपी अध्यक्ष की कैम्पेन दिल्ली में पार्टी की जीत के लिए बेहद जरुरी है।
कुछ वरिष्ठ सदस्यों के मुताबिक शालीमार बाग, मॉडल टाउन, शाकौर बस्ती जैसे इलाकों में बीजेपी 2013 के चुनावों में हारी थी, जिस वजह से वह उस वक्त सरकार नहीं बना सकी थी। हम बहुमत से सिर्फ चार सीट ही दूर थे।
सतीश उपाध्याय कहते हैं कि हमने इस बार के चुनावों के लिए अपना टारगेट 60 प्लस का रखा है, क्योंकि लोकसभा चुनावों के दौरान हमें 60 सीटों पर बढ़त हासिल हुई है। हम ज्यादा से ज्यादा विधानसभा सीटों पर जीत हासिल कर लोकसभा चुनावों के विश्वास को विधानसभा चुनावों में भी बनाये रखेंगे।