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धूल में उड़तीं दिखीं ग्रेप की पाबंदियां, राजधानी में लागू होने के पहले दिन अमर उजाला की पड़ताल

Wed, 16 Oct 2019 01:16 AM IST
Vikas Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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प्रगति मैदान के पास चल रहे निर्माण कार्य की वजह से दिनभर उड़ती रही धूल - फोटो : Amar Ujala
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प्रदूषण की रोकथाम के लिए राजधानी में मंगलवार से ग्रेडेड रेस्पांस एक्शन प्लान (ग्रेप) लागू होने के पहले दिन अमर उजाला टीम ने कई इलाकों की जमीनी हकीकत परखी। इस दौरान कदम-दर कदम लापरवाही नजर आई। कई जगहों पर बगैर उचित इंतजाम के निर्माण कार्य चल रहा था। वहीं, खुले में पत्तियां भी जलाई गई। 

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प्रगति मैदान और उसके आस-पास ग्रेप लागू होने के बाद ही नियमों की खुलेआम अवहेलना होती दिखीं। ग्रैप के तहत डीजल के जनरेटर बंद रखने के अलावा खरपतवार जलाने वालों सख्त कार्रवाई के निर्देश हैं। इसके साथ ही पारंपरिक तरीके से चलने वाले ईंट के भट्टे भी बंदे रखने होंगे। 

निर्माण स्थलों पर इस तरह के इंतजाम करने होंगे, जिससे धूल के कण उड़ने न पाएं। निर्माण सामग्री पर पानी का छिड़काव करने के साथ उसे ढंककर रखना होगा, लेकिन दिल्ली के कई इलाकों में इन नियमों की परवाह किसी को नहीं दिखी। 
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मथुरा रोड
प्रगति मैदान रिडवलपमेंट प्लान के तहत चल रहे निर्माण कार्य के कारण पूरी सड़क पर अव्यवस्था का आलम दिखा। सड़क पर जगह-जगह खुले में मिट्टी का ढेर लगा हुआ था। पानी का छिड़काव न होने से धूल उड़कर हवा में घुल रही थी। वहीं, संकरी सड़क के आधे हिस्से पर पानी भरा होने से यातायात भी सामान्य नहीं था। दोनों के मिले-जुले असर से दोपहर में सांस लेना मुश्किल हो रहा था।

भैरो सिंह मार्ग
भैरो सिंह मार्ग पर भी अव्यवस्था का आलम दिखा। बड़े पैमाने पर चल रही निर्माण गतिविधियों के बीच में बैरीकेडिंग तक नहीं थी। सड़क किनारे बड़े पैमाने पर मिट्टी पड़ी हुई थी। वहीं, अंदर सूखी निर्माण सामग्री खुले में पड़ी थी। वाहनों की आवाजाही के बीच धूल हवा में घुलती दिखी।

एनएच-24
भैरो सिंह मार्ग से निजामुद्दीन पुल तक हालांकि धूल आदि नहीं दिखी, लेकिन इससे थोड़ा आगे अक्षरधाम मंदिर के नजदीक पहुंचने पर सड़क किनारे झाड़ियों में आग लगी हुई थी। इससे निकलने वाला धुंआ हवा में घुल रहा था। इससे आंखो में जलन महसूस हो रही है।

मंडी हाउस से प्रगति मैदान मेट्रो स्टेशन
अमूमन यह इलाका साफ दिखा। वाहनों की आवाजाही भी सामान्य रही। फिर भी, प्रगति मैदान मेट्रो स्टेशन के गेट पर बड़ी संख्या में खड़े ऑटो यातायात को बाधित कर रहे थे। दिलचस्प यह कि मौके पर मौजूद ट्रैफिक पुलिस मूकदर्शक बनी हुई थी।

ईपीसीए की दलील
उधर, ईपीसीए का कहना है कि ग्रेप के तहत निगरानी प्रणाली को मजबूत किया जा रहा है। इसके लिए टीमें गठित की गई हैं। टीमें औचक निरीक्षण कर रही हैं।किसी खास जगह पर लापरवाही बरती जा रही है तो वहां जांच कर उपयुक्त कार्रवाई की जाएगी। पहले दिन की रिपोर्ट अभी तक ईपीसीए के पास नहीं आई है।

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