कैर गांव में एयर एंबुलेंस की क्रैश लैंडिंग के मामले में पुलिस ने जाफरपुर कलां थाने में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने आईपीसी की धारा 336 और 337 के तहत मामला दर्ज किया है। इसके तहत पुलिस विमान हादसे के लिए बरती गई लापरवाही और दूसरों के जीवन को संकट में डालने के जिम्मेदार शख्स की पहचान करेगी।
प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) में जाफरपुर कलां थाने में तैनात सब इंस्पेक्टर अरविंद कुमार को शिकायतकर्ता बनाया गया है। शिकायत के मुताबिक मंगलवार दोपहर करीब ढाई बजे पुलिस को कैर गांव में विमान के क्रैश लैंडिंग की सूचना मिली। सूचना मिलते ही पुलिस की टीम करीब पौने तीन बजे मौके पर पहुंच गई।
विमान की क्रैश लैंडिंग कैर गांव के लक्ष्मी कॉलोनी के एक खेत में की गई थी। यह खेत राजेंद्र सिंह के नाम है। पुलिस के मुताबिक मौके पर विमान का पायलट अमित व को पायलट रोहित के अलावा बक्सर बिहार निवासी भगवान दास, उसकी बेटी जूही, मरीज वीरेंद्र राय, डॉक्टर रूपेश और टेक्नीशियन जंग बहादुर मिले।
सभी लोग सदमे में थे और विमान हादसे के बारे में कुछ भी नहीं बता पा रहे थे। पुलिस ने मरीज को मेदांता अस्पताल पहुंचाया, जबकि अन्य को राव तुलाराम अस्पताल लेकर गई। भगवान को सिर में चोट लगी थी, जबकि अन्य को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
मामले की जांच के दौरान ही पुलिस के आला अधिकारियों के साथ-साथ डीजीसीए के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर छानबीन शुरू कर दी। पुलिस ने छानबीन और हालात को देखते हुए लापरवाही और दूसरों को संकट में डालने का मामला दर्ज कर लिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान पुलिस विमान के पायलट समेत सभी का बयान दर्ज करेगी।
डीजीसीए के अधिकारियों ने की जांच
एयर एंबुलेंस की क्रैश लैंडिंग
- फोटो : अमर उजाला
कैर गांव में मंगलवार को एयर एंबुलेंस की क्रैश लैंडिंग के बाद बुधवार दोपहर करीब 12.30 बजे डीजीसीए के अधिकारियों की टीमकैर गांव पहुंची। अधिकारियों ने विमान का निरीक्षण किया। साथ ही विमान किस हालात में लैंड हुआ इसकी भी पड़ताल की।
अधिकारियों ने जांच के दौरान यह जानने की कोशिश की कि विमान का पहिया कहां टूटा और किस हालात में विमान को खेत में उतारा गया। अधिकारियों ने सारी बारीकियों को डायरी में नोट किया। अधिकारिक सूत्रों का कहना है कि अब विमान को काटकर ले जाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी, लेकिन इससे पूर्व इंश्योरेंस की टीम की भी बुधवार शाम तक पहुंचने की संभावना है।
इंश्योरेंस के अधिकारियों की जांच के बाद विमान को हटाने की कार्रवाई की जाएगी। जिसके तहत पहले विमान के टंकी को खाली कर उसे अलग किया जाएगा, फिर एक-एक पार्ट को अलग कर उसे हटाया जाएगा। अधिकारियों के मुताबिक इस प्रक्रिया में एक दो दिन और लग सकते हैं।
विमान के साथ सेल्फी लेने पहुंचे लोग
विमान को देखने के लिए बुधवार को भी कैर गांव में लोगों का हुजूम लगा रहा। यहां आने वाले लोग विमान के साथ सेल्फी लेने में व्यस्त दिखे। यहां आने वाले लोगों ने बताया कि वह आसपास के इलाके के रहने वाले हैं और सेल्फी को याद के तौर पर रखना चाहते हैं। वह जानने की कोशिश कर रहे थे कि आखिर विमान को यहां से कैसे ले जाया जाएगा।
लोग आपस में बातचीत कर इस बात पर खुशी जाहिर कर रहे थे कि हादसे में किसी की जान नहीं गई। मौके का फायदा उठाते हुए यहां खाने पीने की रेहड़ी व आइसक्रीम वाले भी पहुंचकर कमाई में जुट गए हैं।