विशेषज्ञों का कहना है कि फेफड़ा प्रत्यारोपण के उपचार की कीमतों को कम करने के लिए एम्स पूरा जोर दे रहा है। इसके लिए आईआईटी दिल्ली के विशेषज्ञों तक से बातचीत जारी है। बावजूद इसके एम्स में फेफड़ा प्रत्यारोपण की कीमत करीब 10 से 15 लाख रुपये तक आ सकती है।
तमिलनाडू जाएगी एम्स के डॉक्टरों की टीम
सूत्रों का कहना है कि भले ही एम्स ने अगले एक से दो माह के बीच पहला फेफड़ा प्रत्यारोपण करने का फैसला लिया हो, लेकिन संस्थान की मौजूदा विशेषज्ञों की टीम प्रत्यारोपण से पहले तमिलनाडु जाकर इस पर अध्ययन करना चाहती है। बीते दिनों इसके लिए टीम को एम्स ने तमिलनाडु जाने की मंजूरी प्रदान कर दी है।
अभी तक इन अंगों का होता है प्रत्यारोपण
अब तक एम्स में दिल, किडनी और लिवर का प्रत्यारोपण होता है। त्वचा प्रत्यारोपण भी एम्स करता है, लेकिन यह काफी सीमित है। एम्स ऑर्बो के अनुसार एम्स में 1994 में दिल और 1999 से लिवर प्रत्यारोपण चल रहा है। बीपीएल मरीज होने की स्थिति में सर्जरी से जुड़ी प्रक्रिया निशुल्क होती है। जबकि दवाओं इत्यादि के लिए इन मरीजों को सामाजिक संस्था व सरकार की मदद लेनी होती है।
फेफड़ा प्रत्यारोपण का लाइसेंस मिल चुका है। हमारा पूरा फोकस इसे जल्द शुरू करना है लेकिन उपचार महंगा होने के कारण एम्स आने वाले मरीज शायद ही इसका वहन कर सकें। इसलिए प्रत्यारोपण के खर्च को कम करने की चुनौती पर काम कर रहे हैं। शुरुआती मरीजों के प्रत्यारोपण मुफ्त करने की तैयारी है। इसे लेकर बातचीत चल रही है। प्रबंधन अपने बजट से भी योगदान करेगा। कोशिश है कि इस खर्च को 10 से 15 लाख रुपये के आसपास लाया जाए।
डॉ. रणदीप गुलेरिया, निदेशक, एम्स