दुनिया में सर्वाधिक सर्जरी का रिकॉर्ड बनाने के बाद अब देश का सबसे बड़ा चिकित्सीय संस्थान एम्स नई तकनीक का सहारा लेने जा रहा है। सालाना करीब 2 लाख तक एम्स में ऑपरेशन का रिकॉर्ड पहुंच चुका है। अब एम्स के डॉक्टर आईएमडब्ल्यू टूलकिट नाम के मोबाइल एप के जरिये सर्जरी करने से पहले मरीज की जांच करेंगे। इसके बाद डॉक्टर को ये फैसला लेने में आसानी होगी कि सर्जरी कब करनी चाहिए?
एम्स की वार्षिक रिपोर्ट 2017-18 के अनुसार, एम्स में सर्जरी की स्थिति सालाना 1.94 लाख से भी ऊपर पहुंच चुकी है। ऑपरेशन से पहले मरीज की शारीरिक स्थिति से लेकर खानपान से जुड़ी जानकारी जुटाना जरूरी होता है। इसके लिए मरीज को दो से तीन विभागों के डॉक्टरों की जांच से होकर गुजरना पड़ता रहा है, लेकिन अब एम्स के डॉक्टर मोबाइल एप के जरिये मरीज से उसकी लंबाई, वजन, पांच दिन में किया गया भोजन आदि जानकारी लेंगे। इसके बाद एप के जरिये ही बताएंगे कि मरीज सर्जरी करने लायक है या नहीं?
बुधवार को एम्स में ‘सर्जरी के दौरान खानपान और पोषण’ विषय पर राष्ट्रीय सेमिनार हुआ, जिसमें ये जानकारी दी गई है। फिजियोलॉजी विभाग की प्रोफेसर डॉक्टर केपी कोचर ने बताया कि मरीज को सर्जरी के दौरान खून बहना व उसके बाद भी कई खतरे होते हैं। एप के जरिये मरीज से कुछ सवाल पूछकर डॉक्टर यह पता लगा सकेंगे कि फिलहाल मरीज सर्जरी के लिए फिट है या नहीं।
आहार विशेषज्ञ परमजीत कौर ने बताया कि आमतौर पर मरीजों को सर्जरी के 12 घंटे पहले से 12 घंटे बाद तक कुछ न खाने-पीने की सलाह दी जाती है। हालांकि, मरीजों को सर्जरी से दो घंटे पहले पानी और दो घंटे बाद पानी या हल्का जूस जरूर ले लेना चाहिए। इससे उनके अंदर डिहाइड्रेशन की कमी नहीं होगी। सर्जरी के 24 घंटे बाद आहार विशेषज्ञ की सलाह से ही भोजन लें।