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Delhi NCR News: एम्स दिल्ली ने रचा इतिहास, 2025 में दस हजार से अधिक सर्जरी कर बनाया रिकॉर्ड

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सर्जरी ब्लॉक में 50 फीसदी से अधिक मरीजों की हुई ओपन सर्जरी, मृत्यु दर 0.3 फीसदी रही
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अमर उजाला ब्यूरो

नई दिल्ली।
एम्स दिल्ली ने वर्ष 2025 में दस हजार से ज्यादा सर्जरी कर रिकॉर्ड बनाया है। इसमें सर्वाधिक हेपेटो-पैन्क्रियाटिको-बिलियरी संबंधी ऑपरेशन किए गए। अच्छी बात यह रही कि सभी तरह की सर्जरी के दौरान मृत्यु दर 0.3 फीसदी रही। सर्जरी के लिए भर्ती होने वालों में सबसे ज्यादा महिला शामिल रहीं। एम्स ने सर्जरी के लिए वर्ष 2021 में सर्जरी ब्लॉक की शुरुआत हुई थी।

मरीजों की रोबोट से लेकर लेप्रोस्कोपी और ओपन सर्जरी की गई। सर्जरी के रिकॉर्ड को लेकर एम्स में बुधवार को प्रेस वार्ता की गई। एम्स के सर्जिकल डिसिप्लिन्स विभाग प्रमुख डॉ. सुनील चुंबर ने कहा कि एक साल में दस हजार से अधिक सर्जरी प्रभावी ढंग से लागू की गई सशक्त जन स्वास्थ्य नीति का ठोस परिणाम है। इलेक्टिव सर्जरी के बाद मृत्यु दर 0.3 फीसदी और आपातकालीन सर्जरी के बाद मृत्यु दर 7.89 रही। यह आंकड़े यूरोप या उत्तरी अमेरिका के किसी भी सर्वश्रेष्ठ अस्पताल के बराबर हैं।
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ब्लॉक में ओटी की संख्या हो जाएगी 12

डॉ. सुनील ने कहा कि सर्जरी में एनेस्थीसिया विभाग के प्रमुख डॉ. गंगा प्रसाद की टीम का सबसे अधिक योगदान रहा है। बिना उनकी टीम के सर्जरी करना संभव नहीं है। एम्स में सर्जरी को समर्पित ब्लॉक की शुरुआत वर्ष 2021 में हुई थी। अभी सर्जरी ब्लॉक में आठ ऑपरेशन थियेटर संचालित हो रहे है। भविष्य में इनकी संख्या 12 करने की तैयारी है। दो-तीन महीने में इस दिशा में कार्य पूरा हो जाएगा। अगले साल से इंटेस्टाइन ट्रांसप्लांट की योजना भी है। साथ ही 15 हजार सर्जरी करने का लक्ष्य भविष्य के लिए रखा गया है।

10 फीसदी से अधिक इमरजेंसी सर्जरी की

डॉ. हिमांग कुमार ने बताया कि इन दस हजार सर्जरी में 50 फीसदी से ज्यादा ओपन सर्जरी की गई, जबकि लेप्रोस्कोपी के माध्यम से 41.2 फीसदी और रोबोट के जरिए 8.1 फीसदी सर्जरी हुई। इन दस हजार से ज्यादा सर्जरी में 89.1 फीसदी इलेक्टिव और 10.9 फीसदी इमरजेंसी सर्जरी शामिल है। हेपेटो-पैन्क्रियाटिको-बिलियरी ऑपरेशन के तहत दो हजार से ज्यादा गॉल ब्लैडर से जुड़ी सर्जरी की गई। इसके अलावा ट्रांसएनल मिनिमली इनवेसिव सर्जरी के 28 मामले किए गए। इसमें रेक्टल कैंसर से लेकर रेक्टल एडेनोमा की सर्जरी शामिल है।

बिना चीर-फाड़ के निकाला कैंसर

इसमें एक मरीज की रेक्टल कैंसर की सर्जरी हुई। यह सर्जरी बहुत ज्यादा खास थी। बिना चीर-फाड़ के रेक्टल के अंदर से कैंसर को निकाला गया। मरीज के स्टूल पास करने का रास्ता भी प्रभावित नहीं हुआ। साथ ही इस वर्ष की एक प्रमुख उपलब्धि रोबोटिक किडनी ट्रांसप्लांट सर्जरी की शुरुआत रही। जिससे एम्स दिल्ली इस उन्नत प्रक्रिया उपलब्ध कराने वाला देश का पहला सरकारी संस्थान बन गया है। एम्स में ट्रांसप्लांट और उससे संबंधित 1114 सर्जरी की गई। इसमें 137 किडनी ट्रांसप्लांट शामिल है।
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ब्रेस्ट संबंधी बीमारियों की सर्जरी एक हजार से अधिक

डॉ. कमल कटारिया ने बताया कि एंडोक्राइन से जुड़ी कुल 488 ऑपरेशन किए गए। इसमें 290 सर्जरी थायराइड, 132 पैराथाइरॉइड और एड्रनल से जुड़ी 64 सर्जरी शामिल है। सर्जरी ऐसी की गई। ब्रेस्ट से जुड़ी संबंधी बीमारियों के 1007 ऑपरेशन किए गए। इसमें सबसे ज्यादा ब्रेस्ट की मॉडिफाइड रेडिकल मास्टेक्टॉमी की गई। इस सर्जिकल प्रक्रिया में त्वचा, एरिओला और निप्पल सहित पूरे ब्रेस्ट टिश्यू को हटा दिया जाता है। जबकि मास्टेक्टॉमी से जुड़ी 225 सर्जरी की गई। तंबाकू और ध्रूमपान से होने वाली समस्याओं को लेकर भी डॉक्टरों ने चिंता जाहिर की। कई मरीजों की सर्जरी तंबाकू खाने संबंधी समस्या के कारण की गई। इस प्रेस वार्ता में प्रोफेसर अनीता धर भी मौजूद रही। वहीं डॉक्टर प्रिया ने कहा कि सर्जरी के बाद संक्रमण न फैले उसको भी सुनिश्चित किया गया।

किस बीमारी के कितने ऑपरेशन उसकी स्थिति का ब्यौरा

-हेपेटो-पैन्क्रियाटिको-बिलियरी ऑपरेशन 3279 (32.5%)
-कोलोरेक्टल ऑपरेशन 802 (7.9%)
-ट्रांसप्लांट और संबंधित ऑपरेशन 1114 (11%)
-एंडोक्राइन ऑपरेशन 488 (4.8%)
-ब्रेस्ट ऑपरेशन 1007 (9.9%)
-थोरासिक ऑपरेशन 180 (1.8%)
-हर्निया ऑपरेशन 1408 (13.9%)
-बैरियाट्रिक ऑपरेशन 136 (1.3%)
-विविध ऑपरेशन 570 (5.7%)
-आपातकालीन ऑपरेशन 1102 (10.9%)
कुल 10,096

वर्ष 2025

-11921 मरीज हुए भर्ती

-10096 सर्जरी की गई (8994 इलेक्टिक और 1102 इमरजेंसी सर्जरी शामिल)

-कुल मौत 154 (ऑपरेशन के बाद 27 और इमरजेंसी ऑपरेशन के बाद हुई 87 की मौत)

-17408 ऑपरेशन माइनर ओटी में किए



सर्जरी का तरीका

-ओपन सर्जरी 5116

-लेप्रोस्कोपी सर्जरी 4161

-रोबोटिक सर्जरी 819

-

सर्जरी के लिए भर्ती होने वालों का ब्यौरा

-पुरुष 5531(46.4 फीसदी)

-महिला 6390(53.6 फीसदी)

-20 से कम उम्र वाले मरीज 2153

-20-60 की उम्र वाले मरीज 8493

-60 वर्ष से अधिक वाले 1275 मरीज

-

कैंसर से जुड़ी सर्जरी की स्थिति

-पैंक्रियाटिक कैंसर की 95

-गॉल ब्लैडर कैंसर की 80

-कोलन कैंसर सर्जरी 124

-रेक्टल कैंसर सर्जरी 66
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