चांदनी चौक के प्रसिद्ध गौरी शंकर मंदिर को हर साल की तरह इस साल भी फूलों और रंग बिरंगी रोशनी से सजाया गया है। मंदिर समिति से जुड़े पदाधिकारियों का कहना है कि सावन के सभी सोमवार को भगवान महादेव और मां पार्वती का विशेष शृंगार किया जाएगा।
सावन का महीना बृहस्पितवार से शुरू हो गया है। दो साल के बाद भक्त शिवालयों में जाकर भोलेनाथ की उपासना कर पाएंगे। पिछले दो साल कोरोना महामारी के कारण राजधानी के शिवालयों को भक्तों के लिए बंद रखा गया था। लोगों ने घरों में रहकर ही महादेव की पूजा अर्चना की थी।
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चांदनी चौक के प्रसिद्ध गौरी शंकर मंदिर को हर साल की तरह इस साल भी फूलों और रंग बिरंगी रोशनी से सजाया गया है। मंदिर समिति से जुड़े पदाधिकारियों का कहना है कि सावन के सभी सोमवार को भगवान महादेव और मां पार्वती का विशेष शृंगार किया जाएगा। मंदिर के अंदर झांकियां सजाई जाएंगी। दिल्ली पुलिस के जवान यहां पर सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी संभालेंगे। इसके अलावा सोमवार को यहां पर स्वयंसेवकों की तैनाती भी की जाएगी। लोगों को लाइन में लगकर और मास्क लगाकर ही मंदिर के अंदर दर्शन करने की इजाजत मिलेगी। झंडेवालान मंदिर के प्रबंधक रविंद्र गोयल ने बताया कि मंदिर में भक्तों के लिए पूरी तैयारी हो चुकी है। मंदिर सुबह चार बजे खुल जाएगा और रात में 10 बजे तक खुला रहेगा। मंदिर को रंगीन लाइटों से सजाया गया है।
जनकपुरी स्थित राम मंदिर, तिलकनगर स्थित सात मंजिला, हरी नगर के संतोषी माता मंदिर में भी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। प्रीत विहार स्थित गुफा वाले मंदिर (शिव मंदिर) में खास तैयारियां की गई हैं। मंदिर के प्रधान सुरेन्द्र दीवान ने कहा कि यह यमुनापार का सर्वाधिक प्रसिद्ध व प्राचीन मंदिर है।