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पाबंदी के बाद भी दिल्ली में दौड़ रहीं उबर और ओला

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परिवहन विभाग की पाबंदी के बावजूद वेब बेस्ड टैक्सी सर्विसेज देने वाली कंपनियां बिना किसी रोक टोक की अपनी सेवाएं और सुविधाएं बढ़ाते जा रहे हैं। पहले ओला ने अखबारों में एड निकालकर चालकों की आय का सहारा लेकर अपने टैक्सी संख्या बढ़ाने की कवायद की।
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अब उबर क्रेडिट कार्ड के जरिये पेमेंट करने की सुविधा शुरू करने जा रहा है। इससे साफ है की दोनों कंपनियों को पाबंदी से कोई फर्क नहीं पड़ रहा है। दिल्ली सरकार के परिवहन विभाग से बार-बार नोटिस जारी करने के बाद भी कंपनी लाइसेंस लेने के लिए जरूरी आवश्यकताएं पूरा करने में रुचि नहीं ले रहे हैं।

हालांकि कोर्ट के आदेश के बाद परिवहन विभाग फिर पुराने आवेदन पर ही लाइसेंस प्रक्रिया को जारी रखेगी मगर अधिकारियों का कहना है कि जब तक वह अपनी सेवाएं बंद नहीं करते हैं,रेडियो स्कीम की जरूरी अनिवार्यता पूरी नही करेंगे, उन्हें लाइसेंस नहीं मिलेगा।
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उबर, ओला और टैक्सी फॉर श्योर पर है पाबंदी

मगर उबर और ओला के प्रचार प्रसार और सुविधाओं के विस्तार को देखकर नहीं लगता की उन्हें लाइसेंस की जरूरत है। यही नहीं उबर जो चालकों के बीच अपनी पैठ और भरोसा बनाने के लिए यात्रा के दौरान मिलने वाले किराये पर कमीशन नहीं लेते थे।

मगर उबर के एक चालक ने बताया कि अब 6 जुलाई से उबर ने चालकों से किराये पर 20 फीसदी का कमीशन लेना शुरू कर दिया है। परिवहन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी की मानें तो उबर,ओला,टैक्सी फॉर श्योर सभी की सेवाएं अवैध रूप से चल रही हैं।

इनके पास किसी भी तरह का लाइसेंस नहीं है। उनकी वेब बेस्ड सर्विसेज पर पाबंदी के लिए केंद्र सरकार को लिखा गया है। मगर अभी तक इनके मोबाइल एप्लीकेशन और वेबसाइट पर पाबंदी नहीं लगी है।
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