दिल्ली के इसी घर में हुई थी अफगान शख्स की हत्या
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पिता का इलाज कराने भारत आए अफगानिस्तान के व्यक्ति की चाकू से ताबड़तोड़ वार कर हत्या कर दी गई। उस पर करीब एक दर्जन वार किए गए। मृतक के पिता कैंसर से पीड़ित हैं और इलाज कराने भारत आए हुए हैं।
उनका रोहिणी स्थित राजीव गांधी कैंसर इंस्टीट्यूट में इलाज चल रहा है। निजामुद्दीन थाना पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। दिल्ली पुलिस ने अफगानिस्तान के दूतावास को घटना की जानकारी दे दी है। रविवार को मृतक के शव का पोस्टमार्टम नहीं हो सका। दक्षिण-पूर्व जिला पुलिस अधिकारियों ने लूटपाट के लिए हत्या की बात से इंकार किया है।
पुलिस के अनुसार, अफगानिस्तान निवासी इशाक(38) के पिता कैंसर से पीड़ित हैं। उसके पिता आखिरी स्टेज पर हैं। इशाक 29 दिसंबर को भारत आया था और माता-पिता के साथ ई-13 भोगल में किराए के मकान में रह रहा था।
इशाक पिता को इलाज के लिए राजीव गांधी कैंसर इंस्टीट्यूट लेकर जाता था। लेकिन शनिवार को वह अस्पताल नहीं गया था। माता-पिता अकेले अस्पताल चले गए, और वह घर पर रह गया।
शनिवार शाम करीब सात बजे माता-पिता लौटे तो इशाक घर के मुख्य दरवाजे के पास लहूलुहान हालत में पड़ा मिला। उन्होेंने इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस इशाक को अस्पताल ले गई, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शुरूआती जांच में लग रहा है कि इशाक की गर्दन और छाती, कमर व चेहरे पर चाकू से करीब एक दर्जन वार किए गए हैं। पूरे घर में खून ही खून बिखरा हुआ था। पुलिस फिलहाल लूटपाट की बात से इंकार कर रही है।
घर में करीब 40 हजार रुपये, मोबाइल व अन्य सामान सही सलामत मिला है। निजामुद्दीन थाना पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस को घटनास्थल से चाकू व हत्या में प्रयुक्त हथियार नहीं मिला है।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारी
निजामुद्दीन इलाके में विदेशी व्यक्ति की हत्या की सूचना जैसे ही दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को मिली तो वह तुरंत ही मौके पर पहुंच गए। हालांकि, रविवार देर शाम तक हत्या के कारणों का पता नहीं लग सका।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मृतक की किसी से रंजिश नहीं हो सकती। हालांकि, बताया जा रहा है कि वह पहले भी भारत आ चुका है।