अब आप बाजार से सरसों का तेल खरीदने जाएं तो सोच समझकर खरीदें क्योंकि मिलावटी सरसों का तेल आपकी किडनी खराब कर सकता है। इसके अलावा तेल में मिलाए गए रंग और केमिकल से हार्ट के फेल होने का भी खतरा है।
यह खुलासा मेरठ के केसरगंज से पिछले महीने लिए गए सरसों के तेल के सैंपल की जांच में हुआ है। यहां से मिलावटी तेल की सप्लाई मेरठ-सहारनपुर मंडलों के अलावा दिल्ली में की जा रही थी।
कमिश्नर ने गाजियाबाद, हापुड़, बुलंदशहर समेत मंडलभर में हाई अलर्ट जारी कर सरसों के तेल के नमूने लेने के आदेश जारी किए हैं।
सरसों के तेल को सेहत के लिए लाभदायक माना जाता है। भोजन को स्वादिष्ट बनाने के साथ ही यह औषधीय गुणों से भरपूर है। तेल में मिलने वाले प्रोटीन से जोड़ों में दर्द नहीं होता और मांसपेशियों में लचीलापन रहता है।
पिछले दिनों मेरठ कमिश्नर को सरसों के तेल में मिलावट होने की जानकारी मिली थी। उन्होंने मंडल के पांच फूड सेफ्टी अफसरों की टीम जांच को भेजी थी। मेरठ के केसरगंज में टीम को सरसों के सैंपल नहीं लेने दिए।
इसके बाद कमिश्नर ने फोर्स भेजकर सैंपल कराए। बाद में स्टेट लैबोरेटरी की रिपोर्ट में इस तेल में बटर यलो कलर पाया गया है। इसके अलावा इसमें स्वाभाविक सुगंध के लिए भी मिलावट की गई थी।
इसके चलते लैब विशेषज्ञों ने इसको सेहत के लिए घातक (अनसेफ) की श्रेणी में रखा है। अधिकारियों ने इसकेप्रयोग पर तत्काल रोक लगाने का निर्णय लिया है।
सहारनपुर और दिल्ली के अफसरों को सूचना भेज दी गई है। मेरठ मंडल के सभी छह जिलों में पांच दिन तक सरसों के तेल के नमूने लेने के आदेश दिए गए हैं।
इसको लेकर कमिश्नर ने हाईअलर्ट घोषित कर दिया हैं। उधर, विशेषज्ञों ने यलो बटर कलर से हार्ट और किडनी के लिए खतरा बताया है।
ऐसे करें पहचान
- हाथ साफ करके तेल की मालिश करें। यदि तेल त्वचा पर रंग छोड़ता है तो इसमें मिलावट है।
- तेल से बनें व्यंजन खाने पर यदि एसिडिटी ज्यादा होती है तो इसमें रसायन की मिलावट है।
- तेल में मिलावट होने से इसको गर्म करने के दौरान रसोई में सिर चकराने जैसी स्थिति हो सकती है।
- मिलावटी तेल के व्यंजन प्रयोग करने से गैस बनने, पेट फूलने की शिकायत आ सकती है।
यह हो सकता है नुकसान
- तेल में रंगों के प्रयोग से किडनी के साफ्ट टिश्यू डैमेज होने लगते हैं।
- घातक रंगों के प्रयोग से किडनी में पथरी-गांठ बनने की शिकायत आती है।
- रसायन मिला होने से हार्ट और आंत को नुकसान पहुंचता है।
- रसायन मिला तेल प्रयोग करने से गर्भस्थ शिशु का जीवन संकट में पड़ जाता है।
- मिलावटी तेल के प्रयोग से बच्चों का मानसिक विकास प्रभावित होता है।
- मिलावटी तेल से आमाशय और किडनी का कैंसर हो सकता है।