बिना रजिस्ट्री कब्जा देने वाले 26 बिल्डरों पर ग्रेटर नोएडा जिला प्रशासन गैंगस्टर एक्ट लगाएगा। इनके खिलाफ पिछले वर्ष एफआईआर दर्ज कराई गई थी, उसके बाद भी बिल्डरों ने रजिस्ट्री नहीं कराई। प्रशासन ने पिछले वर्ष फरवरी में ऐसे 26 बिल्डरों को चिह्नित किया था। इनमें 15 नोएडा और 11 ग्रेटर नोएडा के हैं।
इन बिल्डरों ने 10 हजार से ज्यादा फ्लैट बिना रजिस्ट्री के दे दिया। इससे प्रशासन को 332 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ है। एआईजी स्टांप द्वितीय अखिलेश दूबे ने बताया कि जिलाधिकारी ने आदेश दिया है कि यदि बिल्डर रजिस्ट्री नहीं कराते हैं तो उनके खिलाफ जल्द गैंगस्टर की कार्रवाई होगी।
इन पर होगी कार्रवाई
नोएडा के लॉजिक्स ब्लॉसम ग्रींस, आम्रपाली प्लेटिनम, विक्ट्री क्रॉस रोड, सनवर्ल्ड वनालिका, एसोटेक सेलिस्टर, आम्रपाली जोडिएक, आम्रपाली सफायर, डिवाइन इंडिया, एसोटेक इंफ्राटेक, एआईएमएसजी एंजल्स, एजीसी रियल्टी, स्क्वायर गार्डेनिया ऐम्स, पैन रियल्टर्स, आम्रपाली प्रिंसले एस्टेट, आम्रपाली सिलिकॉन और ग्रेटर नोएडा के आम्रपाली लेजरवैली, टाटा स्टील इंपलाइज, महालक्ष्मी ग्रीन मैंशन, सीसीएसई सहकारी आवास समिति, एवीजे हाइट्स, यूनिटेक हैबिटेट, यूनिटेक होराइजन, यूनिटेक कॉसकेड्स, सीनियर सिटीजन होम कॉम्पलेक्स वेलफेयर सोसायटी, एमएसएक्स, सती लीला सहकारी आवास समिति शामिल हैं।