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'अपराजिता अभियान' के तहत ग्लोरियस पब्लिक स्कूल में लगी पुलिस चौपाल, छात्राओं को किया गया जागरुक

Tue, 23 Apr 2019 04:04 PM IST
Trainee Trainee न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जेवर (नोएडा)
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : amar ujala
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छात्राएं अपने अधिकारों के प्रति सजग हों तो ‘अपराजिता’ बनकर देश और समाज को आगे ले जा सकती हैं। सोमवार को अमर उजाला के अपराजिता-100 मिलियन स्माइल्स अभियान के तहत जेवर के ग्लोरियस पब्लिक स्कूल में पुलिस की चौपाल लगाई गई। जिसमें जेवर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक सुरेंद्र सिंह भाटी ने छात्राओं को संबोधित करते हुए यह बात कही। 

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उन्होंने छात्राओं से कहा कि किसी भी तरह के अन्याय के खिलाफ तुरंत आवाज बुलंद करें। चुप रहते हुए अपराध को सहने का वक्त खत्म हो गया है। उन्होंने कहा कि पुलिस अपराधियों के लिए दुश्मन है, लेकिन छात्राएं पुलिस को मित्र समझकर समस्याओं से अवगत कराएं। जिससे समय रहते उनका समाधान किया जा सके।

उपनिरीक्षक अनु प्रताप सिंह ने कहा कि वूमेन पावर हेल्पलाइन 1090 पर शिकायत करें। यहां सूचना देने वाली महिला की पहचान गोपनीय रखते हुए आरोपियों पर कार्रवाई की जाती है। कहा कि घटना के वक्त यदि स्वयं के पास मोबाइल न हों तो राहगीरों से मोबाइल लेकर 100 नंबर से भी पुलिस मदद ली जा सकती है।

 

उपनिरीक्षक अशोक नौहवार ने कहा कि छात्राओं को शारीरिक शक्ति के अलावा मानसिक तौर पर अपराजिता बनने की जरूरत है। स्कूल निदेशक शिवशंकर ने अमर उजाला के इस अभियान की सराहना करते हुए कहा कि इससे छात्राओं को सुरक्षा की जानकारी मिली है। इस मौके पर प्रबंधक संजीव शर्मा, हेमलता शर्मा, अध्यापिका एकता शर्मा, प्रियंका शर्मा, किरण सिंह, रीतू सिंह आदि मौजूद रहे।

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कार्यक्रम बेहद रोचक और ज्ञानवर्धक था। पुलिस से सवाल-जवाब करने से मन के अंदर व्याप्त पुलिस के प्रति डर भी समाप्त हुआ, अमर उजाला का धन्यवाद।
- निधि शर्मा

पहले पुलिस सहायता के लिए 100 नंबर की जानकारी थी। पुलिस की चौपाल से 1090 और 181 के अलावा सड़क हादसे के समय 108 आदि की जानकारी मिली।
- मोनिका बघेल

अमर उजाला ने अपराजिता के तहत नारी शक्ति को जागरूक करने की मुहिम चलाई है, वह प्रशंसनीय है। ऐसे कार्यक्रम लगातार होते रहने चाहिए, ताकि जागरूकता बढ़े। 
- विधिशा शर्मा

हमें कल्पना चावला, सुनीता विल्यिमस, चंदा कोचर, इंद्रा नूई से प्रेरणा लेने की जरूरत है। इन्होंने साबित किया कि लड़कियां ठान लें तो क्या नहीं कर सकती हैं। 
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- कौशर राव
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