गाढ़ी कमाई खर्च कर वर्षों से आशियाने का सपना देख रहे फ्लैट खरीदारों की शिकायत और तीन मंत्रियों के समूह के निर्देश पर ग्रेटर नोएडा व नोएडा के विभिन्न थानों में 6 बिल्डरों के खिलाफ 13 एफआईआर दर्ज की गई हैं। बिसरख कोतवाली में आठ शिकायतें दर्ज हुई हैं।
इनमें से आम्रपाली बिल्डर के खिलाफ सात व सेक्टर-49 में भी आम्रपाली के खिलाफ एक रिपोर्ट दर्ज की गई है। वहीं, सूरजपुर, कासना, एक्सप्रेसवे व फेज-3 कोतवाली में एक-एक एफआईआर दर्ज की गईं हैं।
ग्रेटर नोएडा पहुंचे यूपी सरकार के मंत्री सुरेश राणा, सुरेश खन्ना और सतीश महाना ने फ्लैट के लिए वर्षों से चक्कर लगा रहे खरीदारों से मुलाकात की थी। खरीदारों की शिकायत सुनने के बाद मंत्री ने पुलिस को आरोपी बिल्डरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करने का निर्देश दिया था।
इसके बाद शुक्रवार को एसएसपी लव कुमार ने खरीदारों से प्राप्त शिकायतों को संबंधित थानों में भेजकर रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए थे। अब खरीदारों की शिकायत पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
खरीदारों का आरोप है कि लाखों रुपये देने के बावजूद बिल्डरों ने न तो उन्हें फ्लैट मुहैया कराया है और न ही प्रोजेक्ट पर निर्माण कार्य पूरा किया है।
जबकि बिल्डर ने प्रोजेक्ट में क्लब, मनोरंजन, खेल सुविधा, जॉगिंग ट्रैक, एंपीथियेटर, बास्केटबॉल, बॉलीवाल, टेनिस कोर्ट आदि सुविधा देने का प्रलोभन देकर फ्लैट बुक किए थे। अधिकांश खरीदारों का आरोप है कि उनका 80 से 90 फीसदी रुपये बिल्डर के पास पहुंच चुका है। आम्रपाली के अधिकतर प्रोजेक्ट अधूरे पड़े हैं।