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100 करोड़ की ठगी: जालसाज को खाता उपलब्ध कराने वाला गिरफ्तार, विदेश भेजते थे रकम; ऐसे बनाते थे लोगों को शिकार

Wed, 06 Dec 2023 08:51 AM IST
विजय पुंडीर अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

इस गिरोह के जालसाज पहले लालच देकर पीडि़त को जाल में फंसाते थे। ये मैसेज व अन्य सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को लालच देते थे कि घर बैठे हर दिन दो से पांच हजार रुपये कमाएं। ये लोगों से लाइक व सब्सक्राइब कराते थे।
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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दक्षिण जिले की साइबर थाना पुलिस ने 100 करोड़ रुपये की ठगी करने के मामले में जालसाजों को बैंक खाता उपलब्ध कराने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी विक्रांत राय उर्फ विक्की को लखनऊ, यूपी से गिरफ्तार किया है। इस गिरोह के जालसाज ठगी हुई रकम को विदेश भेजते हैं। आरोपी के कब्जे से 72 डेबिट कार्ड, पांच रजिस्टर/डायरियां/नोटबुक, एक लैपटॉप, तीन मोबाइल, छह चैक बुक और चार पैन कार्ड बरामद किए गए हैं।

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दक्षिण जिला पुलिस उपायुक्त चंदन चौधरी ने बताया कि संगम विहार में रहने वाले सरकारी शिक्षक के साथ ठगी की गई थी। मामला दर्ज साइबर थाना प्रभारी अरुण कुमार वर्मा की देखरेख में इंस्पेक्टर हंसाराम, हवलदार रामबीर सिंह, तरूण कुमार व हवलदार संदीप कुमार की टीम ने जांच  शुरू की। 

हवलदार रामबीर ने इस बात की जांच शुरू की कि ठगी का पैसा किन बैंक खातों में गया है। पता लगा कि जयपुर निवासी जितेंद्र के बैंक खाते में पैसा गया है। इसके बाद पुलिस टीम ने जितेंद्र को गिरफ्तार कर लिया।

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जांच में पुलिस को ये भी पता लगा कि ठगी की गई राशि में से एक लाख रुपये लखनऊ, यूपी स्थित एक बैंक खाते में स्थानांतरित किए गए थे, जो भार्गव-गुलमोहर अपार्टमेंट में एक एंटरप्राइजेज के नाम पर पंजीकृत पाया गया था। इसमें पता पानी गांव पैलेस के पास, थाना - इंदिरा नगर, जिला लखनऊ, उत्तर प्रदेश था।

हवलदार रामबीर की टीम ने लखनऊ में छापेमारी की और विक्रांत राय उर्फ विक्की को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने पूछताछ में खुलासा किया कि उसकी मुलाकात व्हाट्सएप के माध्यम से एक व्यक्ति से हुई थी। आरोपी ने उससे ऑनलाइन गेमिंग के नाम पर थोक लेनदेन के लिए चालू बैंक खाते की मांग की। उसने बताया कि उसके कई लोगों के साथ अच्छे संबंध हैं, इसलिए उसने उनके नाम पर पार्टनरशिप डीड रजिस्टर्ड कराई और फिर इन पार्टनरशिप उद्यमों के नाम पर चालू खाते खुलवाए। 

इसके बदले में उसे प्रति लाख ट्रांजेक्शन पर 300 रुपये मिलते थे। ये भी तय था कि कम से कम 10 करोड़ रुपये प्रति माह से ज्यादा का ट्रांजेक्शन होगा, ताकि उसे एक लाख रुपये कमीशन प्रति माह मिल सकें। भार्गव गुलमोहर अपार्टमेंट, पानी गांव प्लेस जिला लखनऊ यूपी निवासी विक्रांत (43) स्नातक डिग्री होल्डर है।
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अमर उजाला ने सबसे पहले प्रकाशित की थी खबर
अमर उजाला ने इस खबर को नवंबर के आखिरी सप्ताह में सबसे पहले प्रकाशित किया था। तब खुलासा किया था कि इस गिरोह के सदस्य 100 करोड़ रुपये के करीब की ठगी कर चुके हैं। ये जालसाज ठगी के पैसे को विदेश में भेज रहे हैं।

प्री पेड टास्क के नाम पर करते हैं ठगी
इस गिरोह के जालसाज पहले लालच देकर पीडि़त को जाल में फंसाते थे। ये मैसेज व अन्य सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों को लालच देते थे कि घर बैठे हर दिन दो से पांच हजार रुपये कमाएं। ये लोगों से लाइक व सब्सक्राइब कराते थे। अगर कोई पीडि़त एक लाइक करता था तो ये उसे 50 रुपये देते थे। ये तीन से चार लाइक का पैसे देते थे। इससे पीडि़त को लालच आ जाता था। इसके बाद ये पीडि़त से कहते थे कि उन्हें प्री पेड टास्क करना पड़ेगा। यानि उन्हें पहले पैसे लगाने होंगे और फिर उनको मोटा मुनाफा मिलेगा।
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