नई दिल्ली जिले के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि 17 व 18 फरवरी की रात अचानक पीसीआर कॉल आनी शुरू हो गईं। फोन करने वाले ने कहा कि उसने प्रधानमंत्री आवास में बम लगा दिया है और कुछ ही देर में फट जाएगा। प्रधानमंत्री आवास में बम होने की कुल सात सूचनाएं (डीडी एंट्री नंबर- 54ए, 54ए, 62ए, 63ए, 64ए, 65ए और 74ए) आई थीं।
बम होने की सूचनाएं आने सभी सुरक्षा एजेंसियां तुरंत पीएम आवास पहुंच गईं। प्रधानमंत्री आवास को घेर लिया गया। बम निरोधक दस्ते व अन्य एजेंसियों ने पीएम आवास की तलाशी ली। दूसरी तरफ सुरक्षा एजेंसियों को जांच के दौरान फोन करने वाले आरोपी का मोबाइल नंबर मिल गया।
आरोपी की पहचान दयालपुर, दिल्ली निवासी रविंद्र तिवारी (36) के रूप में हुई। पुलिस ने उसकी लोकेशन निकाली। उसकी लोकेशन खजूरी खास इलाके में मिली। पुलिस ने खजूरी खास थाना पुलिस की मदद से आरोपी को पकड़ लिया। सुरक्षा एजेंसियां, स्पेशल सेल समेत दिल्ली पुलिस ने आरोपी से संयुक्त रूप से पूछताछ की। पुलिस ने आरोपी के पास से दो मोबाइल बरामद किए हैं।
आरोपी ने बताया कि उसका बड़ा भाई धर्मेंद्र तिवारी तीन वर्ष से लापता है। उसकी पत्नी मायके में रहती है और बेटी से मिलने नहीं देती है। इसके अलावा उसे संदेह है कि उसकी पत्नी का एक युवक से संबंध हैं। पुलिस उसकी मानसिक स्थिति का पता कर रही है। पुलिस ने कलंदरा में माना है कि आरोपी के झूठी कॉल करने से सुरक्षा एजेंसियों में दहशत का माहौल हो गया और लोगों के मन में डर बैठा गया था। आरोपी पहले भी इस तरह की कॉल कर चुका है।