सरोगेसी (विनियमन) अधिनियम, 2021 की धारा 4 (iii) के तहत चिकित्सा बोर्ड की ओर से जारी प्रमाण पत्र के बगैर कोई भी सरोगेसी या सरोगेसी प्रक्रिया संभव नहीं होगी। हालांकि, डीएमबी के गठन को दिल्ली सरकार ने केंद्र सरकार की अधिसूचना के बाद भी इसे लंबित रखा। केंद्र सरकार की ओर से इस विनियमन को अधिसूचित करने होने के बाद भी इच्छुक लाभार्थियों को न्यायालयों का दरवाजा खटखटाना पड़ रहा था।
केंद्रीय कानून की अधिसूचना लागू होने के भी यह मामला लंबित रहने पर 25 जून, 2022 को मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट की अदालत और 11 जुलाई को उच्च न्यायालय को आप को बोर्ड बनाने के लिए प्रेरित किया। इस संबंध में उप निदेशक की ओर से एक प्रस्ताव अनुमोदित किया गया। स्वास्थ्य मंत्री के रूप में उप मुख्यमंत्री की ओर से भेजे गए प्रस्ताव को मुख्यमंत्री को एलजी को मंजूरी के लिए भेजा, जिसे स्वीकृति प्रदान कर दी गई है।
मेडिकल बोर्ड में शामिल होंगे ये अधिकारी
-मुख्य चिकित्सा अधिकारी, मुख्य सिविल सर्जन या संयुक्त निदेशक(जिला स्वास्थ्य सेवाएं) इसके अध्यक्ष होंगे।
-जिले की मुख्य स्त्री रोग विशेषज्ञ/प्रमुख प्रसूति रोग विशेषज्ञ-सदस्य
-जिले के मुख्य बाल रोग विशेषज्ञ-सदस्य