बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ का नारा देने वाली केंद्र सरकार ने दुष्कर्म के आरोपी फरीदाबाद के जिला शिक्षा अधिकारी राजीव अरोड़ा को 2014 के इनोवेटिव अवार्ड से सम्मानित कर दिया। इस पर यहां के विधायक विपुल गोयल ने सवाल उठाते हुए सीएम से शिकायत की है।
उनकी शिकायत को गंभीरता से लेते हुए राज्य के शिक्षा विभाग ने विभागीय जांच शुरू कर दी है। दिलचस्प पहलू यह है कि तमाम आरोपों के बीच राजीव अरोड़ा प्रमोशन लेते रहे और विभाग के आला अधिकारियों ने पड़ताल तक नहीं की।
29 नवंबर 2014 को दिल्ली में उन्हें मानव संसाधन मंत्री स्मृति ईरानी ने शैक्षिक प्रशासन में नवाचार के लिए राष्ट्रीय पुरस्कार दिया।
विधायक ने की अधिकारी की शिकायत
विधायक गोयल ने 20 अप्रैल को इस अधिकारी का कच्चा चिट्ठा खोलते हुए एक पत्र मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर, शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा, विभाग के वित्तायुक्त एवं प्रधानसचिव और निदेशक को भेजा।
इसमें उन्होंने कहा है कि दुष्कर्म जैसे संगीन जुर्म में शामिल होने के बावजूद अवार्ड मिलने का औचित्य नहीं है। इसके बावजूद किसी को अवार्ड दिया जाता है तो सरकार की बदनामी होगी।
विधायक ने आरोप लगाया कि बिना शिक्षा निदेशक के कमेंट्स के अरोड़ा ने अपनी फाइल साठगांठ करके ऊपर भिजवा दी, ताकि पुरानी चल रही जांचों का खुलासा न हो सके।
जांच हो कैसे मिल गया इस आरोपी को अवॉर्ड
ऐसे में इस अधिकारी को सरकार बर्खास्त कर इस बात की जांच करे कि इसको पदोन्नति और अवार्ड कैसे मिले। जिला शिक्षा अधिकारी 30 अप्रैल को सेवानिवृत्त हो रहे हैं, इसलिए सरकार इस मामले में तेजी से कार्रवाई कर रही है।
सूत्रों का कहना है शुक्रवार को अरोड़ा उच्चाधिकारियों के सामने पेश हुए। इस बारे में जब विधायक गोयल को फोन किया गया तो उन्होंने अभी कुछ भी कहने से मना कर दिया।
बस इतना कहा कि इस अधिकारी ने अपनी शक्तियों का दुरुपयोग किया और पद की गरिमा को ठेस पहुंचाई। इस बारे में कई बार शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव और जिला शिक्षा अधिकारी से संपर्क किया गया लेकिन दोनों ने फोन नहीं उठाया।