दिल्ली पुलिस ने जिस आरोपी को भगोड़ा दिखाकर गिरफ्तार किया, वो चौकी में पानी सप्लाई कर रहा था। अदालत ने संगठित अपराध गिरोह के एक कथित सदस्य होने के आरोपी को जमानत देते हुए कहा उनका मानना है कि आरोपी मकोका के तहत अपराधों के लिए दोषी नहीं है।
पुलिस ने आरोपी सौरव भार्गव उर्फ भिंडा के खिलाफ मकोका के तहत मामला दर्ज किया था और गिरफ्तारी से पहले उसे भगोड़ा दिखाया गया था। आरोपी के वकील ने दलील दी कि वह व्यक्ति हरि नगर पुलिस स्टेशन के अंतर्गत आने वाली एक चौकी में नियमित रूप से पानी की आपूर्ति कर रहा था, जिस अवधि के दौरान उसके फरार होने की सूचना मिली थी।
तीस हजारी कोर्ट की विशेष न्यायाधीश शिवाली शर्मा ने तथ्यों और परिस्थितियों पर विचार करने के बाद आरोपी को जमानत दे दी। उस पर सलमान त्यागी गिरोह का सदस्य होने का आरोप है, जो कथित तौर पर संगठित गिरोह चलाता है। मामला हरि नगर थाने से जुड़ा है।
सलमान त्यागी और भिंडा समेत उसके 22 साथियों के खिलाफ 13 अगस्त, 2019 को मकोका के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी। दिल्ली पुलिस ने 24 अप्रैल, 2024 को पूरक आरोपपत्र दाखिल किया।