अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के 75वें वर्ष में आयोजित हो रहे चार दिवसीय 69वें राष्ट्रीय अधिवेशन का उद्घाटन केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह द्वारा शुक्रवार को किया गया। इस दौरान उन्होंने परिषद के थीम गीत और राष्ट्रीय चेतना पर आधारित पांच किताबाें का विमोचन भी किया। कार्यक्रम के दौरान एबीवीपी के राष्ट्रीय महामंत्री याज्ञवल्क्य शुक्ल ने दावा किया कि कार्यक्रम में एबीवीपी के कार्यकर्ताओं की संख्या 50,65,264 हो गई है।
उन्होंने कहा कि 1948 में जब संगठन की स्थापना की संकल्पना की गई थी। तब इसमें मात्र छह लोग थे। इन छह लोगों की इच्छाशक्ति से शुरू हुआ संघर्षपूर्ण सफर 50 लाख के पार पहुंच गया है। गत वर्ष एबीवीपी के 44 लाख सदस्य थे। एबीवीपी का अस्तित्व देश के प्रत्येक शैक्षणिक परिसर में है। राष्ट्रीय अध्यक्ष डाॅ. राजशरण शाही ने कहा, यह अधिवेशन परिषद के कार्यकर्ताओं के लिए महायज्ञ है। परिषद समय के साथ अपनी ध्येय यात्रा को आगे बढ़ा रही है। 75 वर्षों की गौरवशाली यात्रा में केवल विद्यार्थी परिषद ने प्रश्न ही नहीं, बल्कि उनके समाधान को भी प्रस्तुत किया है। शुक्ल ने कहा एबीवीपी सकारात्मक परिवर्तनों को खड़ा करने का आंदोलन है।
अधिवेशन में पांच किताबों का विमोचन भी किया गया। इनमें एबीवीपी75, स्वाधीनता का अमृत महोत्सव, विश्वगुरु भारत, समरसता, राष्ट्रीय एकात्मता शामिल हैं। कार्यक्रम के दौरान शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य सुरेश सोनी, सह-सरकार्यवाह मुकुंद सीआर, अखिल भारतीय संपर्क प्रमुख रामलाल, अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर, एबीवीपी के राष्ट्रीय संगठन मंत्री आशीष चौहान, राष्ट्रीय सह-संगठन मंत्री प्रफुल्ल आकांत, राष्ट्रीय अधिवेशन की स्वागत समिति अध्यक्ष निर्मल मिंडा , स्वागत समिति महामंत्री आशीष सूद, एबीवीपी दिल्ली के प्रदेश अध्यक्ष डा. अभिषेक टंडन, प्रदेश मंत्री हर्ष अत्री आदि उपस्थित रहे।
आज 10 हजार कार्यकर्ता निकालेंगे शोभा यात्रा
अधिवेशन के तीसरे दिन शनिवार को सुबह 9.30 बजे से वैश्विक परिद्श्य में भारत एवं युवाओं की भूमिका विषय पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह-सरकार्यवाह मुकुंद सीआर वक्तव्य देंगे। शाम चार बजे से अधिवेशन स्थल से शोभायात्रा निकाली जाएगी। इसमें 10 हजार कार्यकर्ता शामिल होंगे। इसका समापन मौरिस नगर में होगा। यहां पर खुला अधिवेशन होगा।