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100 दिन में ही केजरी से आगे निकले मोदी: सर्वे

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अपने पहले कार्यकाल में मात्र 49 दिन शासन करने के बाद आम आदमी पार्टी दिल्ली में अपने दूसरे शासनकाल के 100 दिन पूरे करने जा रही है। रविवार को केजरीवाल सरकार अपना 100 दिन पूरा करेगी।
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इन 100 दिनों में दिल्ली के लोग 'आप' की सरकार से कितने खुश या नाराज हैं इसे समझने के लिए एक टीवी चैनल ने आप के सौ दिन पूरे होने पर ओपिनियन पोल कराया है।

इस पोल में बताया गया है कि अगर आज दिल्ली में चुनाव हो जाएं तो कौन सी पार्टी सरकार बनाने की स्थिती में होगी। हालांकि एबीपी-नेल्सन सर्वे में लोगों से यह सवाल भी किया गया कि वह केजरीवाल सरकार के 100 दिन के कामकाज से कितने संतुष्ट हैं?
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इस सर्वे में जो मत सामने आए हैं वह दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार के लिए चिंता का सबब बन सकता है। असल में इस सर्वे में दिल्ली की झुग्गी झोपड़ियों के लोगों से जब यह सवाल किया गाय तो जवाब आप के लिए चौंकाने वाला था।

झुग्गी वालों ने दिया चौंकाने वाला जवाब

माना जाता है कि दिल्ली में आम आदमी पार्टी का सबसे ज्यादा प्रभाव झुग्गी-झोपड़ियों और गरीब लोगों के बीच है। एबीपी-नेल्सल सर्वे में जब इन लोगों से केजरीवाल सरकार के 100 दिन के कामकाज के बारे में पूछा गया तो उनमें से 43% लोग ही आप सरकार के सौ दिन से संतुष्ट नजर आए।

हालांकि इसी सवाल पर दिल्ली के आम लोगों में से 60 प्रतिशत लोगों का जवाब दिल्ली सरकार के पक्ष में रहा। आम आदमी पार्टी के पिछले सौ दिन के कामकाज पर दिल्ली के 60 प्रतिशत लोगों ने अपनी संतुष्टि जाहिर की है।

हालांकि जब लोगों से यह पूछा गया कि क्या उन्हें लगता है कि केजरीवाल ने चुनाव के दौरान किए अपने वादों को पूरा किया है? तो कुछ लोगों ने माना कि कम से कम उन्होंने बिजली पानी के लिए जो वादा किया था उसे तो पूरा किया है जबकि ज्यादातर लोग मानते हैं कि केजरीवाल अपने वादे पूरा करने में असफल रहे हैं।

क्या केजरीवाल ने संवैधानिक संस्थाओं का अपमान किया?

केजरीवाल ने मीडिया संस्‍थाओं पर निगाह रखने और उनके खिलाफ कार्यवाही करने के लिए जो निर्देश जारी किया था उस बारे में ज्यादातर लोगों का मानना है कि सरकार का यह कदम उचित नहीं था।

केजरीवाल और नजीब जंग के बीच चल रहे झगड़े पर जब लोगों से पूछा गया कि क्या केजरीवाल संवैधानिक संस्‍थाओं का अपमान कर रहे हैं? इस सवाल पर दिल्ली के लोगों की राय पूरी तरह बंटी हुई दिखी।

ओपिनियम पोल में शामिल 49 प्रतिशत लोगों का मानना है कि हां केजरीवाल सरकार संवैधानिक संस्‍थाओं का अपमान कर रही है। जबकि इसी सवाल पर 50 प्रतिशत लोगों का मानना है कि केजरीवाल सरकार ने संवैधानिक संस्‍थाओं का अपमान नहीं किया है।
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दिल्ली में सबसे लोकप्रिय कौन?

दिल्ली की ज्यादातर जनता मानती है कि इस बार केजरीवाल सरकार अपना पांच साल का कार्याकाल जरूर पूरा करेगी। लेकिन इस सर्वे का सबसे महत्वपूर्ण सवाल था कि दिल्ली में सबसे लोकप्रिय नेता कौन हैं?

इस सवाल का जवाब केजरीवाल की नींद उड़ा सकता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी और केजरीवाल के बीच लोकप्रियता के सवाल पर प्रधानमंत्री मोदी ने केजरीवाल को पीछे छोड़ दिया।

दिल्ली में 48 प्रतिशत लोग मानते हैं कि दिल्ली में सबसे लोकप्रिय नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हैं। जबकि 44 प्रतिशत जनता दिल्ली के मुख्यमंत्री ‌अरविंद केजरीवाल को दिल्ली का सबसे लोकप्रिय नेता हैं।

हालांकि इस पूरे सर्वे में सबसे निराश करने वाली खबर कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के लिए है। दिल्ली में महज 7 प्रतिशत लोग मानते हैं कि राहुल गांधी दिल्ली के सबसे लोकप्रिय नेता हैं।
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