अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। हाईकोर्ट ने आम आदमी पार्टी (आप) के मीडिया समन्वयक विकास कुमार योगी के खिलाफ एक टीवी महिला पत्रकार के साथ हुए विवाद के मामले में दर्ज प्राथमिकी को रद्द कर दिया है। न्यायमूर्ति अमित महाजन ने दोनों पक्षों के बीच हुए समझौते को रिकॉर्ड पर लेते हुए कहा कि इस विवाद को जारी रखने से कोई सार्थक उद्देश्य पूरा नहीं होगा। कार्यवाही जारी रखना न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग होगा।
हालांकि, कोर्ट ने याचिकाकर्ता विकास योगी पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया और इस राशि को आठ सप्ताह के भीतर दिल्ली पुलिस शहीद कोष में जमा करने का निर्देश दिया।
विकास योगी ने उनके खिलाफ मारपीट, धमकी देने सहित अन्य धाराओं में दर्ज प्राथमिकी को रद्द करने की याचिका दायर की थी। याचिका के अनुसार, मई 2024 में एक समाचार चैनल की पत्रकार ने आरोप लगाया था कि वह विदेशी फंडिंग से संबंधित एक स्टोरी कवर करने के लिए आप कार्यालय गई थी, जहां योगी उनकी ओर दौड़े और धमकाने वाले लहजे में बहस करने लगे। पत्रकार ने आरोप लगाया कि योगी के कहने पर पार्टी कार्यकर्ताओं ने उनका कैमरा छीनकर बंद करने की कोशिश की और उन्हें तथा उनके कैमरामैन को घेर लिया। याचिका में कहा गया कि दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से मामला सुलझा लिया है। योगी ने कोर्ट को बताया कि उन्होंने संबंधित महिला पत्रकार से माफी मांग ली है।