इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) की विश्वसनीयता को लेकर उठे सवालों के बीच चुनाव आयोग ने 3 जून को सभी राजनीतिक पार्टियों को ईवीएम हैक करने का चैलेंज दिया है। एनसीपी और सीपीएम ने चुनाव आयोग के इस चैलेंज को स्वीकार किया है। वहीं, आम आदमी पार्टी (आप) भी इसी दिन अलग से ईवीएम हैक करेगी।
आप विधायक सौरभ भारद्वाज ने बृहस्पतिवार को इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आप के टेक्निकल टीम ने ये तय किया है कि हम अपनी टैंपर्ड ईवीएम का चैलेंज भी उसी दिन रखेंगे। यह वही ईवीएम है, जिसका डेमो बीते दिनों दिल्ली विधानसभा में दिया गया था।
सौरभ भारद्वाज ने बताया कि हैकाथॉन चैलेंज के लिए टेक्निकल एक्सपर्ट के साथ-साथ चुनाव आयोग से एक्सपर्ट को भी बुलाया जाएगा। हम हैकाथॉन उन्हीं शर्तों पर रख रहे हैं, जो शर्तें चुनाव आयोग ने दी है।
आप विधायक ने ये भी कहा कि चुनाव आयोग ने ईवीएम चैलेंज के लिए जो शर्तें रखी हैं, उनके आधार कोई भी ये साबित नहीं कर सकता कि ईवीएम खराब है।
इसके पहले आप ने चुनाव आयोग से ईवीएम के मदर बोर्ड में बदलाव करने की इजाजत न मिलने से हैकाथॉन में शामिल होने से इंकार दिया था। चुनाव आयोग के हैकाथॉन में शामिल न होने के मसले पर आम आदमी पार्टी (आप) ने सफाई दी है कि पार्टी की जगह चुनाव आयोग हैकाथॉन से पीछे हटा है। पार्टी के मुताबिक, आयोग कुछ भी करा रहा है लेकिन यह हैकाथॉन नहीं है।
सिसोदिया के मुताबिक, चुनाव आयोग ने खुद माना है कि वो हैकाथॉन नहीं करा रहा है। आयोग ने कहा है कि वह पार्टियों को खुली चुनौती दे रहा है। सिसोदिया ने बताया कि हैकाथॉन कोई जादू का शो नहीं है कि कोई आएगा 'गुली गुली पाशा करेगा और मशीन हैक हो जाएगी। '