दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल जहां दिल्ली तक ही पार्टी को सीमित रखने की वकालत कर रहे थे, वहीं मंगलवार को पीएसी की बैठक में इसके उलट फैसला लिया गया।
कौशांबी स्थित गिरनार अपार्टमेंट में केजरीवाल के निवास पर मंगलवार रात हुई बैठक में निर्णय लिया गया कि आम आदमी पार्टी देश भर में संगठन का विस्तार करेगी।
जबकि इससे पूर्व योगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण भी इसी बात की वकालत कर रहे थे, लेकिन उन्हें पीएसी से बाहर का रास्ता दिखाया गया था। कुल मिलाकर मंगलवार रात हुई पीएसी की बैठक को आप की साख को बचाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
योगेंद्र-प्रशांत का क्या होगा?
गिरनार में बैठक के बाद पीएसी सदस्य संजय सिंह ने बताया कि देश भर में पार्टी विस्तार का निर्णय लिया गया। पार्टी के सदस्यों को अलग-अलग राज्यों की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। इससे पहले हर राज्य की राजनीतिक परिस्थितियों की समीक्षा होगी, जिसके बाद ही ये फैसला लिया जाएगा, किस सदस्य को किस राज्य की जिम्मेदारी मिलेगी।
इस संबंध में एक कमेटी बनाई जाएगी, जो राज्यों की राजनीतिक परिस्थितियों का आंकलन करेगी। उन्होंने कहा कि जिस तरह दिल्ली में ईमानदार और स्वच्छ राजनीति पर जनता ने भरोसा जताया है, उसी तरह देश भर में ईमानदार राजनीति की नींव डाली जाएगी।
पीएसी की बैठक में मुख्यमंत्री के अलावा उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, प्रवक्ता संजय सिंह, आशुतोष, आशीष खेतान, दिलीप पांडे, गोपाल राय, आशीष तलवार, पंकज गुप्ता मौजूद रहे।
‘पार्टी के गतिरोध को खत्म करने को सब कुछ करेंगे’
पार्टी में चल रहे गतिरोध के बारे में संजय सिंह ने कहा कि इस मुद्दे पर चर्चा हुई है। पार्टी में चल रहे गतिरोध को खत्म करने के लिए जो भी करना पड़ेगा, किया जाएगा। उन्होंने कहा कि योगेंद्र यादव से मुलाकात के साथ इसकी शुरुआत की जा चुकी है।
प्रशांत भूषण से भी मुलाकात की जाएगी। प्रशांत भूषण द्वारा आशीष खेतान से मुलाकात करने से मना करने के सवाल पर उनका कहना था कि ये सूचना गलत है। उनसे मुलाकात की जाएगी, उन्होंने मना नहीं किया है।