वीके सक्सेना, उपराज्यपाल दिल्ली।
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दिल्ली नगर निगम चुनाव में टिकट के बदले रिश्वत मांगने के मामले में मॉडल टाउन से आप विधायक अखिलेश पति त्रिपाठी के खिलाफ मुकदमा चल सकता है। मंगलवार को उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने त्रिपाठी के खिलाफ अभियोजन की मंजूरी देने के लिए सतर्कता विभाग के अनुरोध को दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष के पास भेज दिया है। उपराज्यपाल ने अपने पत्र में कहा कि आरोपी एक मौजूदा विधायक हैं, लिहाजा वर्तमान मामले में अभियोजन को मंजूरी देने के लिए विधानसभा अध्यक्ष ही सक्षम अधिकारी हैं।
त्रिपाठी पर पिछले वर्ष हुए निगम चुनाव में कमला नगर के वार्ड नंबर 69 से एक महिला को आम आदमी पार्टी का टिकट दिलाने के बदले 90 लाख रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप है। एसीबी ने इस संबंध में महिला के पति की शिकायत पर मामला दर्ज किया था। सतर्कता विभाग ने पाया कि इस मामले में मानवीय और तकनीकी सबूत विधायक और अन्य व्यक्तियों की संलिप्तता की तरफ इशारा कर रहे हैं।
सीसीटीवी फुटेज समेत अन्य सबूतों को बनाया आधार
एसीबी ने त्रिपाठी के खिलाफ एक मजबूत मामला बनाया है। इसमें उन्हें रिश्वत की रकम के साथ रंगेहाथों पकड़ना और अन्य आरोपियों द्वारा इसकी पुष्टि करते हुए बयानों को आधार बनाया गया है। इसके अलावा वजीरपुर से विधायक राजेश गुप्ता के घर पर लगे सीसीटीवी की फुटेज को आधार बनाया। इस मामले में त्रिपाठी के बहनोई ओम सिंह, शिव शंकर पांडे उर्फ विशाल पांडे (त्रिपाठी के पीए) और प्रिंस रघुवंशी को गिरफ्तार किया गया। जांच के दौरान सभी गिरफ्तार आरोपियों ने यह माना कि त्रिपाठी ने महिला के पति को 33 लाख रुपये नगद लौटाने को दिए थे।
एसीबी से विधायक समेत चार के खिलाफ दर्ज की थी प्राथमिकी
भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी) ने भ्रष्टाचार निरोधक (पीओसी) अधिनियम और भारतीय दंड संहिता के प्रावधानों के तहत महिला उम्मीदवार के पति की शिकायत पर त्रिपाठी और उनके तीन परिचितों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। एसीबी ने दावा किया कि त्रिपाठी जांच के दौरान सहयोग नहीं कर रहे थे और उनसे पूछे गए सवालों का उन्होंने ठीक से जवाब नहीं दिया। जांच के दौरान वजीरपुर से आम आदमी पार्टी के विधायक राजेश गुप्ता का नाम भी सामने आया। उन पर आरोप था कि त्रिपाठी के कहने पर गुप्ता को 20 लाख रुपये का भुगतान किया गया था।
मुकदमा चलाने की अनुमति दें स्पीकर : भाजपा
प्रदेश भाजपा ने दिल्ली विधानसभा अध्यक्ष रामनिवास गोयल को पत्र लिखकर विधायक अखिलेश पति त्रिपाठी के खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति देने की मांग की है। प्रदेश भाजपा प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर ने कहा कि नवंबर 2022 में इस खुलासे के बाद दिल्ली के लोग हैरान रह गए कि आप विधायक अखिलेश पति त्रिपाठी ने अपने रिश्तेदार और कर्मचारी के मध्यम से रिश्वत ली है। राजनीतिक स्तर में गिरावट का यह बहुत गंभीर मामला है और ऐसा मामला पहले कभी नहीं देखा गया। विधानसभा अध्यक्ष से सांविधानिक मर्यादा के अनुरूप कार्रवाई करने और विधायक अखिलेश पति त्रिपाठी के खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति दें।