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मोदी के ‘विकास’ को 'आप' की टक्कर

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकास मॉडल को चुनौती देने को आम आदमी पार्टी (आप) तैयार है। इसके लिए पार्टी ने नया मॉडल तैयार किया है। दिल्ली डायलॉग नामक इस मॉडल से आम लोगों को जोड़ा जाएगा।
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15 नवंबर को जंतर-मंतर से इसे लॉन्च किया जा रहा है। ज्यादा जोर ऑनलाइन कैंपेन पर होगा। पार्टी सूत्र बताते हैं कि पिछले साल दिल्ली में सरकार बनाने के साथ ही आप ने करीब 300 विशेषज्ञों का एक समूह बनाया था। इससे अप्रवासी भारतीय भी जुड़े थे।

इस पर दिल्ली को वैश्विक शहर के तौर पर विकसित करने के लिए एक मॉडल तैयार करने की जिम्मेदारी डाली थी। 49 दिन में सरकार गिरने के बाद भी समूह ने काम जारी रखा। हालांकि समूह से कुछ लोगों के निकल जाने से इसमें थोड़ा फेरबदल भी हुआ।
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माइक्रोसॉफ्ट कंपनी से जुड़े वरुण गुप्ता टीम को लीड कर रहे थे। फिलहाल इस टीम ने 12 बिंदुओं पर काम पूरा कर लिया है। इसमें बिजली, पानी, भ्रष्टाचार, अस्पताल, स्कूल, महिला सुरक्षा, ट्रैफिक व ट्रांसपोर्ट और यमुना की सफाई से जुड़ी समस्याएं शामिल हैं।

15 नवंबर की बैठक में इस पर आम लोगों से भी चर्चा की जाएगी। इसके बाद राउंड टेबल दौर शुरू होगा। इसमें अलग-अलग समूहों से बात होगी। आखिर में लोगों के फीडबैक के जरिए पार्टी का घोषणा पत्र तैयार होगा। पार्टी इसके लिए दिल्ली डायलॉग नाम से एक वेबसाइट भी बना रही है। साथ ही सोशल मीडिया पर भी अभियान चलेगा।

दिल्ली डायलॉग के बाद यूथ कंसर्ट भी
जंतर-मंतर पर 15 नवंबर को दिल्ली डायलॉग खत्म होते ही यूथ कंसर्ट होगा। शनिवार की शाम संगीतमय होगी। पार्टी सांसद भगवंत मान और विशाल डडलानी समेत फिल्म जगत की दूसरे चेहरे भी इसमें हिस्सा लेंगे। आयोजन पिछले चुनाव से पहले हुए कंसर्ट जैसा होगा। इसका जिम्मा पार्टी की यूथ विंग को दिया गया है।

मिशन 60 का लक्ष्य लेकर उतरेगी भाजपा

लोकसभा चुनाव की तर्ज पर ही दिल्ली भाजपा चुनावी कैंपेन शुरू करेगी। लोकसभा चुनाव के मिशन 272 प्लस की तरह दिल्ली फतह के लिए मिशन 60 प्लस का लक्ष्य लेकर भाजपा विधानसभा चुनाव में उतरेगी। दरअसल, लोकसभा चुनाव में 70 विधानसभा में से भाजपा 60 सीटों पर सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी थी।

लोकसभा चुनाव में विधानसभा के हिसाब से देखें तो भाजपा के खाते में सरकार बनाने के मैजिक आंकड़े से 10 सीटें ज्यादा आईं। अब दिल्ली में भी इसी उद्देश्य को लेकर भाजपा चलेगी। भाजपा का स्लोगन चलो दिल्ली से जुड़ी थीम पर आधारित होगा। भाजपा यह मान कर चल रही है कि दिल्ली के 53 प्रतिशत युवा और 46 प्रतिशत महिलाएं पार्टी के पक्ष में वोट करेंगे।

दिल्ली के प्रदेश प्रभारी प्रभात झा का कहना है कि विधानसभा चुनाव में भाजपा अपना परचम लहराएगी। लोकसभा चुनाव के आंकड़ों पर अगर गौर करें तो भाजपा को 70 में से 60 विधानसभा सीट पर सबसे ज्यादा वोट मिले थे।

इन सीटों पर अन्य राजनीतिक पार्टियों के प्रत्याशी काफी पिछड़ गए थे और भाजपा की झोली में सात सीटें आई थीं। इसी से उत्साहित दिल्ली भाजपा मिशन 60 प्लस का लक्ष्य रख कर चल रही है।

ये अलग बात है कि भाजपा अपने ही सर्वे में अपनी पार्टी के पक्ष में 43-48 सीट पर जीत मानकर चल रही है। जहां तक वोट प्रतिशत की बात है तो भाजपा के पक्ष में यह 41 प्रतिशत ही है। वहीं, आम आदमी पार्टी को 32 और कांग्रेस पार्टी को 23 प्रतिशत वोट शेयर पार्टी ने सर्वे में दिया है।

नई दिल्ली सीट को चुनौती नहीं मान रहे भाजपाई

भाजपा नेता जिस विधानसभा में चुनाव लड़ने की हिम्मत नहीं जुटा पाते थे अब उसी सीट पर चुनाव लड़ने की होड़ सी लगी है। दिल्ली की वीवीआईपी सीट में शुमार नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र से अब भाजपा के कई नेता चुनाव लड़ने की ताल ठोक रहे हैं। जबकि पिछले तीन विधानसभा चुनाव में पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित को चुनौती देने भाजपा के दिग्गज नेताओं को भी भारी पड़ रही थी।

भाजपा नेताओं को अब यह लगने लगा है कि इस विधानसभा में पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित आगामी चुनाव में चुनौती नहीं होंगी।
भाजपा के राष्ट्रीय मंत्री आरपी सिंह का कहना है कि आम आदमी पार्टी की साख अब खत्म हो गई है।

अगर पार्टी उन्हें नई दिल्ली विधानसभा क्षेत्र से चुनाव में उतारती है तो भारी मतों से आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल को हराने की ताकत रखते हैं। इसी तरह 1993 में नई दिल्ली सीट से पहली बार जीतकर विधानसभा पहुंचने वाले कीर्ति आजाद की पत्नी पूनम आजाद झा का भी कहना है कि अगर उन्हें इस सीट पर चुनाव लड़ने का मौका मिले तो वे पीछे नहीं हटेंगी।

युवा मोर्चा के महामंत्री सुनील यादव भी यहां से चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर कर चुके हैं। इसी तरह कई पूर्व प्रदेश अध्यक्षों का भी कहना है कि पार्टी अगर चुनाव लड़ाती है तो वे अरविंद केजरीवाल को चुनौती देने को तैयार हैं।

उल्लेखनीय है कि इस विधानसभा सीट से पहली बार कीर्ति आजाद विधायक बने। इसके बाद शीला दीक्षित को ना तो भाजपा नेता कीर्ति आजाद, पूनम आजाद और विजय जौली ही हरा पाए। पिछले विधानसभा चुनाव में पूर्व भाजपा अध्यक्ष विजेंद्र गुप्ता भी बड़े अंतर से अरविंद केजरीवाल से हारे थे।
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केजरीवाल ने जारी किया रिपोर्ट कार्ड

आम आदमी पार्टी (आप) अपने विधायकों का रिपोर्ट कार्ड सार्वजनिक कर रही है। इसकी शुरुआत पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल ने की है। मंगलवार को सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर डाले गए अपने रिकॉर्ड में केजरीवाल ने बीते दस महीनों के कामों का ब्योरा दिया है।

रिपोर्ट कार्ड में दावा किया है कि पाई-पाई का खर्च आम लोगों से पूछकर किया गया। इसका जरिया मोहल्ला सभाएं बनीं। बीते दस महीनों में 40 मोहल्ला सभाएं बुलाई गईं। इनमें आरडब्ल्यूए, मार्केट एसोसिएशन के प्रतिनिधि समेत आम लोग भी शामिल थे। नई दिल्ली सीट की झुग्गी बस्ती में लोगों की जरूरतें पूछी गईं।

इन सबके फीडबैक के बाद 60 योजनाएं चालू की गई हैं। इसमें 18 जल आपूर्ति से जुड़ी हैं। तो तीन सामुदायिक खेल, छह लाइटिंग, कूड़ेदान, बेंच, ब्रेकर, फुटपाथ आदि से संबंधित योजनाएं हैं। इसके अलावा तीन योजनाएं सुरक्षा को ध्यान में रखकर तैयार हुईं। इलाके में बड़े पैमाने पर सीसीटीवी कैमरे लग रहे हैं। विकास कार्य के अलावा बीस लाख का अंशदान जम्मू कश्मीर आपदा फंड में किया।

पार्टी का दावा है कि सभी विधायकों को रिपोर्ट कार्ड सार्वजनिक किया जाएगा। इससे आम लोगों को जानकारी रहेगी कि टैक्स के तौर पर उनकी गाढ़ी कमाई का लिया जाने वाला पैसा कहां खर्च किया गया है। साथ ही आम लोगों से गुजारिश की गई है कि अगर किसी के काम में खोट नजर आती है तो तत्काल उसकी जानकारी पार्टी को दी जाए।
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