बीआरस नेता के. कविता ने कहा कि उसके और दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल के खिलाफ ईडी द्वारा लगाए गए आरोप झूठे और तुच्छ हैं। के. कविता ने आरोप लगाया कि ईडी भाजपा की राजनीतिक शाखा की तरह काम कर रही है। ईडी ने दावा किया था कि दिल्ली उत्पाद शुल्क नीति में लाभ पाने के लिए बीआरएस नेता के. कविता और कुछ अन्य लोगों ने केजरीवाल और मनीष सिसोदिया के साथ डील की गई। साथ ही 100 करोड़ रुपये का भुगतान किया था।
आम आदमी पार्टी ने अपने एक बयान में कहा, पहले भी कई मौकों पर ईडी ने इस तरह के बेहद झूठे और तुच्छ बयान जारी किए हैं। इससे पता चलता है कि एक निष्पक्ष जांच एजेंसी होने के बजाय, यह भाजपा की राजनीतिक शाखा की तरह काम कर रही है।' आप के आरोप पर भाजपा की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल सकी। आप ने कहा कि ईडी के आरोप हर दिन झूठ फैलाकर और मीडिया में सनसनी पैदा करके उसके संयोजक केजरीवाल और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की छवि खराब करने का एक प्रयास है।
एक भी सबूत बरामद नहीं पेश कर सकी ईडी- आप
आप ने कहा कि ईडी का बयान कोई नया तथ्य या सबूत पेश नहीं करता है, यह उसकी हताशा को दर्शाता है, क्योंकि 500 से अधिक छापे मारने और हजारों गवाहों से पूछताछ करने के बावजूद उन्होंने इस मामले में एक भी रुपया या सबूत बरामद नहीं किया है। ईडी ने अपने एक बयान में दावा किया कि के. कविता ने अन्य लोगों के साथ मिलकर दिल्ली उत्पाद शुल्क नीति-निर्माण और कार्यान्वयन में लाभ पाने के लिए अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया सहित आप के शीर्ष नेताओं के साथ साजिश रची।
उत्पाद शुल्क मामला फर्जी है - आप
आप ने दावा कि सुप्रीम कोर्ट ने भी ईडी के इस दावे को खारिज कर दिया है कि इस मामले में 100 करोड़ रुपये के पैसे का कोई लेन-देन मौजूद है। पूरी दुनिया जानती है कि पूरा उत्पाद शुल्क मामला फर्जी है और इसमें कोई सबूत नहीं है। पिछले दो साल से ईडी इस मामले में अपराध से हुई कमाई का पता लगाने की कोशिश कर रही है। आप ने दावा किया कि उसने सिसोदिया समेत कई आप नेताओं के घर पर छापेमारी की, लेकिन उन्हें एक भी रुपया नहीं मिला।
भाजपा को चंदा देने वाली कंपनियों पर पहले ही हो चुकी छापेमारी
पार्टी ने यह भी कहा कि भाजपा को चुनावी बांड देने वाली लगभग सभी कंपनियों पर पहले ईडी ने छापेमारी की थी। इसका मतलब है कि जिन कंपनियों पर ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप लगाया है, उन्होंने छापेमारी के तुरंत बाद अपराध से प्राप्त रकम भाजपा के खातों में स्थानांतरित कर दी। इनमें उत्पाद शुल्क मामले में ईडी द्वारा छापेमारी की गई कंपनियां भी शामिल थी, जिन्होंने बाद में भाजपा को चुनावी बांड दान किया था। आप ने आरोप लगाया कि इसकी निष्पक्ष जांच से हजारों एफआईआर दर्ज की जाएंगी। ईडी और सीबीआई ने आरोप लगाया है कि शराब व्यापारियों को लाइसेंस देने की दिल्ली सरकार की उत्पाद शुल्क नीति ने गुटबंदी की अनुमति दी और कुछ डीलरों का पक्ष लिया, जिन्होंने कथित तौर पर इसके लिए रिश्वत दी थी। वहीं, आप ने इस आरोप का जोरदार खंडन किया है।