दिल्ली सरकार नए साल से सम-विषम फॉर्मूला लागू करने से होने वाली दिक्कत से बचाने के लिए कार पूल का सहारा लेने की तैयारी भी कर रही है। दिल्ली डायलॉग कमीशन (डीडीसी) ने बुधवार को कार पूल से जुड़ी तमाम एजेंसी, वेबसाइट संचालकों से बातचीत की।
कार पूल के सिंगापुर, आयरलैंड समेत कुछ अन्य देशों के मॉडल पर भी चर्चा की गई। बैठक में तय किया गया है कि डीडीसी केउपाध्यक्ष अशीष खेतान सरकार को अगले हफ्ते की शुरुआत में कार पूल पॉलिसी पर रिपोर्ट देंगे।
डीडीसी की बैठक में एक दर्जन से अधिक सेवा उपलब्ध कराने वालों को बुलाया गया। ट्रैफिक पुलिस और दिल्ली इंटीग्रेटेड मल्टी मॉडल ट्रांजिट सिस्टम के अधिकारी भी शामिल हुए।
सम-विषम फार्मूले को ध्यान में रखकर संभावना
बैठक में कार पूल की शुरुआत करने, कार मालिकों के मन से डर निकालने को लेकर पॉलिसी की चुनौती और अवसरों पर चर्चा की गई। एक जनवरी से लागू होने वाले सम-विषम फार्मूले को ध्यान में रखकर संभावना तलाशी गई।
बैठक में पूल माइ राइड, एमबार्क इंडिया, ट्रिप्डा.इन, कारजोनेंट, उबर, ओला, शटल.कॉम, नीयरग्रुप.इन, इबिबो राइड, मेगा कारपूल प्राइवेट लिमिटेड, मेगा कैब, लेट्सड्राइवअलांग.कॉल, बैक्सीटैक्सी, ओराही के प्रतिनिधियों ने अपनी बात रखी।
कार पूल के सुरक्षा मानकों में चालकों की पहचान सत्यापन, सहयोगी यात्री की पहचान का सत्यापन करने के लिए कार पूलिंग ऐप्स, ऑडिट लांग मैकेनिज्म, उत्तरदायित्व और एसओएस अलर्ट की तकनीक के पहलुओं को उठाया गया। राइड शेयरिंग फ्रेमवर्क और कारपूल पॉलिसी के विदेशी मॉडल का अध्ययन भी किया जाएगा।