आम आदमी पार्टी की दूसरी लिस्ट में दिल्ली के पालम से उम्मीदवार बनाई गईं भावना गौड़ पर गंभीर आरोप लगे हैं। आम आदमी पार्टी हमेशा से दावा करती आई है कि वह काफी जांच-पड़ताल के बाद लोगों को टिकट दे रही है। यही नहीं पार्टी ने इसके लिए एक टीम बना रखी है। इस मामले के बाद अब टीम नये सिरे से भावना की जांच में लग गई है। सूत्रों के मुताबिक आप जल्द ही उनके चुनाव लड़ने पर आखिरी फैसला लेगी।
लेकिन मामले पर पार्टी खुलकर बातचीत को तैयार नहीं है। आप प्रवक्ता आतिशी मारलेना के मुताबिक उम्मीदवारों के बारे में कई तरह की शिकायतें आती रहती हैं। पार्टी उन आरोपों का गहराई से जांच कर रही है, अगर अगर भावना गौड़ के बारे में मिली शिकायतें सही पाई जाती हैं, तो पार्टी उनका टिकट काट देगी।
उधर, मामले के सामने आने पर आप के भीतर एक गुट प्रत्याशियों के चयन टीम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़ा कर रहा है। गौरतलब है कि भावना गौड़ पर पहले भी एक बार गंभीर आरोप लग चुके हैं, लेकिन तब पार्टी ने उन्हें क्लीन चिट दे दी थी।
भावना गौड़ पर पहला आरोप
आप उम्मीदवार पर पहला आरोप चुनाव आयोग को दिए हलफनामे और आप के लिए भरे फॉर्म में अलग-अलग डिग्री देने का है। जानकारी के मुताबिक आप के फॉर्म भावना की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक वह बीए और बीएड कर चुकी हैं। लेकिन चुनाव आयोग के एक हलफनामे में उन्होंने खुद को 12वीं पास बताया था।
पार्टी सूत्रों मुताबिक मामले में आप की अनुशासनात्क समित ने भावना से पूछताछ भी कर चुकी है। जानकारी के अनुसार भावना ने पार्टी से अपनी डिग्री खो जाने की बात कही है। चूंकि वह चुनाव आयोग के सामने उम्मीदवारी रद्द होने जैसी जोखिम से बचना चाह रही थी, इसलिए उन्होंने आयोग को अपने 12वीं पास होने की जानकारी दी।
लेकिन मामले के तूल पकड़ते देख देख उन्होंने आप की अनुशासनात्मक समिति के सामने अपनी डुप्लीकेट डिग्रियां यूनिवर्सिटी/कॉलेज से मंगाकर प्रस्तुत की, तो मामले को रफा-दफा कर दिया गया। गौरतलब है मानव संसाधन मंत्री स्मृति ईरानी पर ऐसे आरोप लग चुके हैं। तब आप कार्यकर्ताओं ने मामले को काफी तूल दिया था।
भावना गौड़ पर दूसरा आरोप
उम्मीदवार भावना गौड़ पर दूसरा आरोप मकान के किराये में धोखाधड़ी और अवैध कब्जा करने का है। जानकारी के मुताबिक सन् 1999 में एक महिला ने भावना पर अपने घर पर अवैध कब्जा करने का मामला दर्ज कराया था। जिस मामले में कोर्ट ने 2007 में उनसे जगह खाली करा लिया था। तब भावना गौड़ भाजपा की पार्षद हुआ करती थीं।
वहीं दूसरी ओर सूत्र पार्टी के अंदरखाने एक सूचना ये भी है कि आप के पास पालम में भावना से बेहतर उम्मीदवार नहीं हैं। भावना के अलावा पालम में शहीद मंजूनाथ के बैचमेट रहे मिलन को टिकट दिए जाने को लेकर विचार किया जा रहा था। लेकिन भावना की तुलना में उन्हें कमजोर मानकर टिकट नहीं दिया गया।
फिलहाल आप ने मामले में जल्द अंतिम फैसला लेने को कहा है। प्रशांत भूषण मामले में कानूनी प्रक्रिया को परख रहे हैं।