उपराज्यपाल कार्यालय ने आपत्ति जताते हुए कहा-प्रस्ताव विचाराधीन
स्थायी वकील, अतिरिक्त स्थायी वकील और अतिरिक्त लोक अभियोजक के पैनल से संबंधित प्रस्ताव को लेकर आम आदमी पार्टी की प्रतिक्रिया पर उप राज्यपाल कार्यालय के सूत्रों ने आपत्ति जताई है। उन्होंने पार्टी की ओर से उठाए जा रहे मुद्दों को तुच्छ और तथ्यों से परे और जानबूझकर गुमराह करने का प्रयास बताया है। उन्होंने कहा कि यह मामला विचाराधीन है और ऐसे मामलों में विभिन्न पहलुओं पर मंथन में प्रक्रियात्मक समय लग रहा है। स्थायी वकील, अतिरिक्त स्थायी वकील और अतिरिक्त लोक अभियोजक के पैनल से संबंधित प्रस्ताव को लेकर आम आदमी पार्टी के नेता व विधायक आतिशी ने सवाल उठाते हुए उप राज्यपाल पर निशाना साधा था।
उन्होंने उच्च न्यायालय की वैधानिक सहमति का हवाला देते हुए नियुक्तियों को बेवजह अटकाने का आरोप लगाया था। सूत्रों के मुताबिक विधि मंत्री, दिल्ली सरकार की अध्यक्षता वाली समिति की ओर से अनुशंसित 44 स्थायी अधिवक्ताओं, अतिरिक्त स्थायी अधिवक्ताओं और अतिरिक्त लोक अभियोजकों के पैनल के प्रस्ताव को तत्कालीन उपराज्यपाल के समक्ष रखा गया था। उन्हें वैधानिक रूप से सहमति के लिए दिल्ली उच्च न्यायालय को भेजा गया था। उच्च न्यायालय ने तीन जून, 2022 को चार आवेदकों के नामों को खारिज करते हुए केवल 40 नामों के लिए अपनी सहमति दी थी और दिल्ली सरकार को अवगत कराया।