लोकसभा चुनाव नतीजे आने के साथ ही दिल्ली में विधानसभा चुनाव के साथ-साथ सरकार बनाने की संभावनाओं पर भी चर्चा शुरू हो गई है।
रविवार को दिनभर इस बात की चर्चा होती रही कि आम आदमी पार्टी कांग्रेस के समर्थन से दोबारा सरकार बनाने जा रही है, हालांकि बाद में देर शाम आम आदमी पार्टी ने ट्वीट करके इसे अफवाह करार दिया।
उधर कांग्रेस ने भी दिल्ली में सरकार बनाने के लिए 'आप' को समर्थन देने से साफ इंकार किया है। ऐसे में अब चुनाव का रास्ता ही बचता है। हालांकि अभी भी दो ऐसे विकल्प हैं जिनसे दिल्ली में बिना चुनाव के सरकार बन सकती है।
केजरी अपनाएंगे पुराना फंडा!
दिल्ली में सरकार बनने की दो ही संभावनाएं हैं। पहली संभावना यह है कि अरविंद केजरीवाल कांग्रेस से समर्थन मांगें और उसके सहयोग से फिर सरकार बनाने का दावा करें।
पिछले साल हुए विधानसभा चुनावों में केजरीवाल की आम आदमी पार्टी 28 और कांग्रेस के आठ विधायकों ने मिलकर सरकार बनाई थी। हालांकि बाद में 'आप' विधायक विनोद कुमार बिन्नी ने पार्टी का साथ छोड़ दिया।
यही नहीं, केजरीवाल ने 49 दिनों तक दिल्ली में सरकार चलाने के बाद कांग्रेस को कोसते हुए सरकार से इस्तीफा दे दिया था।
ऐसे बन सकती है बीजेपी सरकार!
दिल्ली में चुनाव टालने और सरकार बनाने के लिए दूसरा विकल्प यह है कि आम आदमी पार्टी के दो तिहाई (18) एमएलए अलग पार्टी बनाएं और विधानसभा अध्यक्ष से मान्यता मांगें।
मान्यता मिलने पर ये विधायक भाजपा को समर्थन दें और सरकार बनवाएं। बाकी अब एक तिहाई हटकर ग्रुप मान्यता का प्रावधान खत्म हो चुका है।
यह विकल्प काफी अहम माना जा रहा है। क्योंकि रविवार को ऐसी खबरें आईं हैं जिनमें AAP के कुछ विधायकों ने सरकार न बनाने पर पार्टी छोड़ने की भी धमकी दी है।
इस राह में हैं कई मुश्किलें
दिल्ली विधानसभा के पूर्व सचिव एसके शर्मा के बताए इन दोनों तरीकों के कारगर होने की उम्मीद कम ही है। क्योंकि बीजेपी ने पहले ही इस बात का ऐलान कर रखा है कि वह दिल्ली में जोड़तोड़ से सरकार नहीं बनाएगी।
प्रदेश कांग्रेस प्रभारी डॉ. शकील अहमद ने कहा कि आम आदमी पार्टी को समर्थन देकर सरकार बनाने की उनकी कोई कवायद नहीं चल रही है। ऐसी चर्चाएं महज अफवाह हैं।
उधर अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी ने भी ट्विटर पर सफाई देते हुए यह बताया है कि उन्होंने दिल्ली में दोबारा चुनाव कराने की मांग पहले ही कर रखी है। अब जोड़तोड़ से सरकार नहीं बनाएंगे।
AAP विधायक के बयान से उड़ी अफवाह!
आम आदमी पार्टी के विधायकों के चाहने से भी सरकार नहीं बनने वाली। शायद यही वजह है कि 'आप' के विधायक खुले तौर पर कुछ नहीं कह रहे हैं।
अरविंद केजरीवाल, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष डॉ. हर्षवर्धन और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरविंदर सिंह कह चुके हैं कि सरकार बनाने के लिए अब तोड़जोड़ नहीं करेंगे।
हालांकि विधायक राजेश गर्ग ने दिल्ली पर फिर से चुनाव का बोझ न डालने की बात कहकर इस चर्चा को गति दी कि क्या 'आप' के विधायक अरविंद केजरीवाल पर सरकार बनाने की संभावना तलाशने का दबाव बना रहे हैं।