सूत्र बताते हैं कि मुख्यमंत्री की नेताओं से माफी मांगकर मुकदमे खत्म कराने के पीछे खेतान की सोच ही काम रही थी। पंजाब के नेताओं के साथ समझौते की मेज पर भी वही बैठे थे।
इस सबके बीच खेतान ने इस्तीफा दे दिया है। बकौल खेतान, वह डीडीसी के उपाध्यक्ष पद से इस्तीफा दे रहे हैं। यह 16 अप्रैल से प्रभावी है। पिछले तीन सालों में दिल्ली के हित में सार्वजनिक नीतियां बनाने व प्रशासनिक सुधार के कई मौके मिले। इसके लिए उन्होंने केजरीवाल का शुक्रिया अदा किया है।
खेतान ने बताया कि वह कानूनी पेशे से जुड़ रहे हैं। इसलिए दिल्ली बार काउंसिल से पंजीकरण कराना है। काउंसिल का नियम है कि निजी या सरकारी नौकरी करने वाला कोई व्यक्ति वकालत नहीं कर सकता। ऐसे में इस्तीफा देना अनिवार्य हो गया है।