मीडिया से बात करते हुए आप विधायक आतिशी ने कहा कि अगर केंद्र या राज्य में गठबंधन से बनी कोई सरकार दो साल में ही गिर जाती है तो अगले तीन साल तक चुनाव नहीं हो सकता। मसलन, 2013 में दिल्ली में आम आदमी पार्टी ने 28 सीट के साथ अल्पमत की सरकार बनाई थी, जो 49 दिन ही चली और 2015 के चुनाव में जनता ने आप को एकतरफा जनादेश दिया। अगर 2013 में ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ लागू होता तो दिसंबर 2018 में ही चुनाव हो सकता था और दिल्ली की जनता का जनादेश देने का अधिकार छीन जाता। वहीं, वन नेशन वन इलेक्शन लागू होने पर सदन में विश्वास मत खोने के बाद भी सरकारें कई साल तक चल सकती हैं, क्योंकि चुनाव पांच साल बाद ही हो सकता है।
अगर किसी पार्टी को बहुमत नहीं मिलता है, तो एंटी डिफेक्शन लॉ को रद्द करते हुए किसी विधायक-सांसद को सीएम- पीएम चुना जाएगा। आप नेता जस्मीन शाह ने आरोप लगाया कि ‘वन नेशन, वन इलेक्शन’ के जरिए भाजपा का अब ऑपरेशन लोटस को संविधान में लागू करने का प्लान है। सभी पार्टियों को मिलने वाले कुल चंदे में से तीन चौथाई चंदा भाजपा को मिलता है। ईडी-सीबीआई के दुरुपयोग से भाजपा एमएलए ख़रीदती है। इसे लागू होने से केवल भाजपा को फायदा है।
जम्मू-कश्मीर में चुनाव लड़ेगी आप
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और पंजाब से राज्यसभा सांसद संदीप पाठक का कहना है कि आप जम्मू कश्मीर में होने वाले आगामी चुनाव को पूरी ताकत से लड़ेगी।संदीप ने पार्टी नेताओं को जनाधार मजबूत करने के लिए सघन अभियान चलाने को कहा है। सोमवार दिल्ली में पार्टी के जम्मू-कश्मीर संगठन की महत्वपूर्ण बैठक में इसका फैसला लिया गया। इसमें दिल्ली सरकार में मंत्री और कश्मीर के इंचार्ज इमरान हुसैन के साथ जम्मू और कश्मीर आप इकाई की विभिन्न समितियों के अध्यक्ष, सह अध्यक्ष और सभी जिला अध्यक्षों ने भाग लिया। इस दौरान जम्मू-कश्मीर में पार्टी के कामकाज की समीक्षा की।