चुनावी मोड में केजरीवाल
बता दें कि 50 दिन के बाद केजीरवाल शुक्रवार को तिहाड़ जेल से बाहर आए और आते ही चुनावी मोड में आ गए हैं। कल कार्यकर्ताओं को संबोधित करने के बाद शनिवार सुबह कनॉट प्लेस स्थित हनुमान मंदिर गए और फिर पार्टी कार्यालय से मीडियो को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने भाजपा पर जमकर हमले बोले।
धीमा पड़ा था आप का चुनावी अभियान
21 मार्च को मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के जेल जाने के बाद से आप का चुनावी अभियान धीमा पड़ा था। 'आप' का सारा ध्यान केजरीवाल की रिहाई और ईडी को कटघरे में खड़ा करने पर रहा। पार्टी के सभी नेताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस से चुनाव का उठाने की कोशिश की। वहीं, मुख्यमंत्री की गैर-मौजूदगी में उनकी पत्नी सुनीता केजरीवाल को मैदान में उतरना पड़ा और दिल्ली से लेकर गुजरात तक उन्होंने रोड शो किया। लेकिन पहली बार राजनीति में उतरी सुनीता केजरीवाल की मौजूदगी के बावजूद भी अभियान ज्यादा आक्रामक नहीं हो सका। दिल्ली समेत दूसरे राज्यों में वह भावानात्मक तौर से अपने अभियान को आगे बढ़ती रहीं। अब अरविंद केजरीवाल के बाहर निकलने से अभियान को धार मिलने की आप समर्थकों को उम्मीद है। आक्रामक शैली के लिए मशहूर केजरीवाल के हाथ में अभियान होने से माना जा रहा है कि चुनाव अब जोर पकड़ेगा।
रैलियां कम, रोड शो पर होगा जोर
पार्टी रणनीतिकारों का मानना है कि चुनाव में अब समय कम है। ऐसे में बड़ी रैलियां कम होंगी। इसकी जगह लोगों से सीधा कनेक्ट होने के लिए रोड शो पर ज्यादा जोर रहेगा। केजरीवाल जहां भी होंगे, ज्यादा से ज्यादा लोगों तक सीधा पहुंचने की कोशिश करेंगे। इसके मद्देनजर आज ही दिल्ली में केजरीवाल दो रोड शो करने वाले हैं। पहले दिल्ली व हरियाणा में, जहां चुनाव 25 मई को है, उसके बाद पंजाब में, जहां वोटिंग एक जून को होनी है।