आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया है कि 26 जनवरी को लाल किला परिसर में भारतीय जनता पार्टी के इशारे पर हिंसा की गई। आप पार्टी ने कहा है कि किसानों को बदनाम करने की नीयत से लाल किला के परिसर में संवेदनशील समय में भी लोगों को जाने दिया गया जहां सामान्य स्थिति में भी किसी को गुजरने नहीं दिया जाता। पार्टी ने मामले की उच्चस्तरीय जांच करने और दोषी लोगों पर कठोर कानूनी कार्रवाई किये जाने की मांग की है।
आम आदमी पार्टी प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने शनिवार को एक प्रेस कांफ्रेस कर आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी हिंसा के जरिए अपने राजनीतिक हित साधती रही है। शाहीन बाग आंदोलन के बाद किसान आंदोलन के मामले में भी यही बात साफ दिख रही है कि आंदोलनों को खत्म कराने के लिए सरकार लोगों से लोकतांत्रिक पद्धति से बातचीत की बजाय हिंसा का सहारा लेती है।
आम आदमी पार्टी विधायक सौरभ भारद्वाज ने कहा कि सिंघु बॉर्डर पर हुई हिंसा के मामले में भी साफ हो गया है कि यह हिंसा सामान्य लोगों की भीड़ ने नहीं की, बल्कि भारतीय जनता पार्टी के जाने-पहचाने चेहरे भीड़ के साथ खड़े थे जिनके इशारे पर हिंसा को अंजाम दिया गया। उन्होंने कहा कि वायरल वीडियो इस बात के सबूत हैं कि शुक्रवार की हिंसा में भाजपा के लोग शामिल थे। इन वीडियो की जांच कर आरोपी लोगों को कड़ी सजा दी जानी चाहिए।
आप नेता ने आरोप लगाया कि भाजपा सोशल मीडिया पर दुष्प्रचार कर झूठे तथ्यों के सहारे अपने पक्ष में माहौल बनाने का काम करती है और दूसरे लोगों को बदनाम करने का षडयंत्र रचती है। उन्होंने कहा कि लालकिले की हिंसा किए जाने के पीछे किसानों को खालिस्तानी और आतंकी साबित करने की साजिश थी। लेकिन बार-बार की इस तरह की घटनाओं से इसकी कलई खुल गई है।