सरवन सिंह पंधेर ने सिंघु बॉर्डर पर शुक्रवार को हुए पथराव की घटना के लिए सरकार और आरएसएस पर आरोप लगाए हैं। पंधेर ने आरोप लगाया कि पुलिस की मौजूदगी में भाजपा और आरएसएस के कठपुतलियों ने पथराव किया। इतना ही नहीं, इस दौरान पुलिस ने हालात को काबू करने के लिए आंसू गैस के गोले भी छोड़े। उन्होंने आरोप लगाया कि हेलीकॉप्टर से पेट्रोल बम छोड़े गए।
पंधेर ने आरोप लगाया कि सरकार और आरएसएस की नीति के तहत करीब 1.30 बजे अचानक सौ से अधिक कार्यकर्ता आ धमके। उन्होंने आरोप लगाया कि कार्यकर्ताओं ने दिल्ली में चल रहे किसान मजदूर संघर्ष समिति, पंजाब के मोर्चा में नारे लगाए। करीब 45 मिनट बाद एक टेंट को फाड़ने के बाद पास में रखी गई वॉशिंग मशीनों को तोड़ दिया गया।
महिलाओं के डेरे में तोड़फोड़ के बाद पथराव भी किया गया। पंधेर की ओर से जारी ऑडियो में कहा गया है कि करीब 15 से 20 मिनट तक पथराव किया, लेकिन पुलिस चुप रही। उन्होंने आरोप लगाया कि इस दौरान आंसू गैस के गोले भी समिति के मोर्चा की तरफ अधिक फेंके गए जबकि पेट्रोल बम से भी मोर्चा में मौजूद करीब 15 लोगों को गंभीर जबकि 40 से अधिक लोगों को मामूली चोटें आई हैं।
घायलों की पहचान हीरा सिंह होठिया, लखबीर सिंह गट्टी हरिके, सरबजीत सिंह, दविंदर प्रीत सिंह कुहरका, दमन सिंह जम्मू, गुरप्रीत सिंह बलबावा, प्रभजीत सिंह बामकोट, रंधावा, बलदेव सिंह बग्गा, कुलबीर सिंह अमरजीत सिंह, उंदावली रेशम सिंह घुरकिन्द्र सिंह के रूप में हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि हरियाणा के सीएम के करीबी वरिंदर सिंह चटवाली सहित कुछ और लोगों की लगातार कोशिश है कि आंदोलन स्थल को खाली कराया जाए।