जिम करने वाले युवा अपने शरीर को सुडौल बनाने के लिए इंजेक्शन और कैप्सूल के रूप में स्टेरॉयड का सेवन करते हैं। जिम संचालक नितेश का कहना है कि एनाबोलिक स्टेरॉयड एक तरह की दवा होती है, जो इंजेक्शन और कैप्सूल के तौर पर सुडौल शरीर बनाने में अहम भूमिका निभाती है। इसे युवा प्रयोग करते है। सूत्रों की माने तो बॉडी बिल्डिंग, जिम में वर्कआउट या फिर स्पोर्ट्स एक्टिविटी में स्टेरॉयड का खूब प्रयोग हो रहा है। मालूम हो कि पिछले दिनों खेल विभाग ने जिम संचालकों पर इस प्रकार की दवाओं के सेवन पर अंकुश लगाने के लिए पंजीकरण कराने का प्रावधान किया था। इसे अंतिम रुप देने के लिए तत्कालीन खेल अधिकारी जगवीर सिंह के नेतृत्व में जिम संचालकों की बैठक भी बुलाई गई थी। उनके स्थानांतरण के बाद इस योजना पर काम नहीं हुआ।
पांच सौ से अधिक हैं जिम
जिले में पांच सौ से अधिक जिम चल रहे हैं। कुछ जिम में ही क्वालीफाई जिम ट्रेनर हैं। इन पर नजर रखने के लिए खेल विभाग की ओर से इन्हें पंजीकृत करने की रणनीति तैयार की गई थी, लेकिन खेल अधिकारी का स्थानांतरण होने के बाद मामला ठंडे बस्ते में चला गया।
जिम संचालकों की हाल में ही हुई है बैठक- जिला खेल अधिकारी
मामले को लेकर जिला खेल अधिकारी का कहना है कि इस संबंध में मुझे अभी कुछ जानकारी नहीं है। हालांकि पिछले दिनों जिम संचालकों की एक बैठक हुई थी। इसमें कई मुद्दों पर चर्चा हुई थी, लेकिन निर्णय क्या लिया गया इसके बारे में जानकारी नहीं है।