फरीदाबाद के सीआईए सेक्टर-30 ने नौ साल से फरार चल रहे इनामी बदमाश विजय मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया।
विजय वर्ष 1999 में हत्या के एक मामले में रोहतक जेल में बंद हुआ था। इसके बाद 2005 में पैरोल पर जेल से छूटकर आया था, जिसके बाद से फरार चल रहा था।
सीआईए के अनुसार, विजय मिश्रा को कोर्ट में पेश करके पूछताछ के लिए रिमांड पर लिया गया है। पुलिस के मुताबिक, मूलरूप से प्रतापगढ़ के जेठवारा थाने के सरियापुर गांव का निवासी विजय मुजेसर के पास आटोपिन झुग्गी में रहता था।
यहां पर उसने 1999 में एक लड़की का कत्ल कर दिया था, जिसके बाद उसे कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई। छह साल रोहतक जेल में रहने के बाद वर्ष 2005 में विजय जेल से पेरोल पर बाहर आया।
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इसके बाद से वह वापस जेल नहीं गया, जिस पर जेल सुपरिटेंडेंट ने विजय के खिलाफ मामला दर्ज करवाया। पुलिस के अनुसार, जेल से छूटने के बाद विजय मुंबई चला गया।
पुलिस को चकमा देने के लिए इस दौरान वह जगह-जगह घूमता रहा। विजय ने प्रतापगढ़ जाकर अपने भाई की साली से शादी की।
सब-इंस्पेक्टर सतेंद्र ने बताया कि पहले विजय पर 10 हजार रुपये इनाम रखा गया था। इसके बाद इनाम बढ़ाकर 25 हजार रुपये किया गया।
उन्होंने बताया कि पुलिस को पांच मई को सूचना मिली कि इनामी बदमाश विजय ग्रेटर नोएडा के गांव सूतियाना में छिपा हुआ है।
पुलिस ने योजना बनाकर विजय को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में पता किया जाएगा कि विजय ने कोई वारदात तो नहीं की है।