13 साल बाद भारत, पाकिस्तान और दुनिया भर में एक ही तारीख पर मनाया जाएगा शहीदी पर्व
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने गुरु अर्जन देव के शहीदी गुरुपर्व के अवसर पर 1000 श्रद्धालुओं के जत्थे को पाकिस्तान भेजने की मंजूरी दे दी है। इस फैसले के बाद 13 वर्षों में पहली बार भारत, पाकिस्तान और दुनिया भर के पंथक संगठन एक ही तारीख पर गुरु अर्जन देव जी का शहीदी दिवस मनाएंगे। दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अध्यक्ष हरमीत सिंह कालका और महासचिव जगदीप सिंह काहलों ने यह जानकारी दी।
कालका और काहलों ने बताया कि कमेटी सदस्य परमजीत सिंह चंडोक केंद्र सरकार और विशेष रूप से विदेश मंत्रालय के संपर्क में रहकर जत्था भेजने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में जुटे थे। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं का जत्था 10 जून को वाघा बॉर्डर के रास्ते पाकिस्तान रवाना होगा, जहां 18 जून को गुरु अर्जन देव का शहीदी गुरुपर्व मनाने के बाद 19 जून को भारत लौटेगा।
उन्होंने बताया कि 1000 श्रद्धालुओं में से 600 श्रद्धालु शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी, 300 दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी और शेष श्रद्धालु हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी और अन्य कमेटियों की ओर से भेजे जाएंगे। दिल्ली कमेटी की ओर से गुरमीत सिंह भाटिया जत्थे का नेतृत्व करेंगे। कालका और काहलों ने कहा कि 13 साल बाद यह ऐतिहासिक अवसर है जब दुनिया भर के पंथक संगठन एकमत होकर एक ही तारीख पर शहीदी दिवस मनाएंगे।
उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने महाराजा रणजीत सिंह की बरसी पर 500 श्रद्धालुओं के अलग जत्थे को पाकिस्तान भेजने की भी मंजूरी प्रदान कर दी है।