चलती ट्रेन में 90 लाख के जेवरात लूट के फरार बदमाशों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। दिल्ली पुलिस की विशेष टीम ने बिहार के गया जिले से मुख्य आरोपी संतोष पासवान सहित उसके अन्य साथियों को भी दबोच लिया। इस मामले में एक आरोपी दिनेश पहले पहले ही पकड़ा जा चुका है।
पुलिस ने इन पर 20 हजार रुपये का इनाम भी घोषित कर रखा था। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि संतोष गया के नजदीक एक गांव में अपने दोस्त के घर पर जेवरात के साथ छिपा है। इसी सूचना के आधार पर गठित विशेष टीम बीते 1 नवंबर को दिल्ली से रवाना हुई और आरोपियों को धर दबोचा।
दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बिहार के गया निवासी संतोष पासवान चांदनी चौक के एक ज्वेलरी दुकान पर काम करता था। इसी साल अप्रैल माह के अंतिम सप्ताह में उसे सूचना मिली कि एक शख्स दिल्ली से लाखों का जेवरात लेकर बिहार के सीवान में डिलीवर करने वाला है। संतोष ने यह सूचना अपने रिश्तेदार सुरेंद्र को देते हुए लूट की योजना बनाई।
इसके लिए उन्होंने अपने साथ चार और बदमाश दिनेश, मिथुन, साहिल और रानू कुमार को शामिल किया। इसी बीच 9 मई को लाल बाबू यादव नामक एक शख्स से चांदनी चौक से करीब 90 लाख रुपये के जेवरात लेकर सीवान जाने की सूचना संतोष को मिली। सदर बाजार रेलवे स्टेशन पर सभी बदमाश लाल बाबू यादव के साथ ट्रेन में चढ़ गए और चलती ट्रेन में चाकू की नोंक पर उन्होंने लाल बाबू से जेवरात लूट लिए।
सब्जी मंडी रेलवे स्टेशन के पास ही ये सभी बदमाश ट्रेन से कूद गए। इस मामले में आरोपी दिनेश को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है। जबकि बाकी आरोपी तब से फरार चल रहे थे। पूछताछ में संतोष ने जुर्म कबूल करते हुए पूरी घटना के बारे में पुलिस को बताया। पुलिस के अनुसार संतोष ने बिहार में चौथी कक्षा तक पढ़ाई करने के बाद कोलकात्ता, पंजाब और दिल्ली में नौकरी की।
चांदनी चौक की एक दुकान पर वह दो साल से नौकरी कर रहा था। इसी विश्वास का फायदा उठाकर संतोष ने अपने बाकी साथियों के साथ मिलकर यहीं से मास्टर प्लान बनाया और लूट की वारदात को अंजाम दिया।